
दिल्ली में ED का बड़ा खुलासा: बाइक टैक्सी ड्राइवर के खाते में 331 करोड़ रुपये
दिल्ली में ED को एक बाइक टैक्सी ड्राइवर के खाते में 8 महीनों में 331 करोड़ रुपये जमा मिलने से मनी लॉन्ड्रिंग और 1xBet सट्टेबाजी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है।
दिल्ली में मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा खुलासा: बाइक टैक्सी ड्राइवर के खाते में 8 महीने में 331 करोड़ रुपये मिले, ED की जांच में हड़कंप
राजधानी दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान एक ऐसा मामला पकड़ा है जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। एजेंसी को एक बाइक टैक्सी ड्राइवर के बैंक खाते में सिर्फ आठ महीनों में 331 करोड़ रुपये जमा होने का पता चला। जब ED की टीम उसके घर पहुंची, तो सामने आया कि वह ड्राइवर दिल्ली के एक साधारण इलाके में दो कमरों की झुग्गी में रहता है और रोज़ी-रोटी के लिए बाइक टैक्सी चलाता है।
कैसे हुआ खुलासा?
जानकारी के अनुसार ED अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़ी बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच कर रही है। इसी जांच के दौरान एजेंसी की नजर इस खाते पर पड़ी, जिसमें 19 अगस्त 2024 से 16 अप्रैल 2025 के बीच 331.36 करोड़ रुपये जमा हुए थे। लेन-देन की असामान्य मात्रा देखकर ED ने बैंक रिकॉर्ड में दर्ज पते पर छापा मारा।
म्यूल अकाउंट का खेल
जांच में सामने आया कि यह खाता एक ‘म्यूल अकाउंट’ था — यानी ऐसा बैंक अकाउंट जिसका असली उपयोग खाते के मालिक को पता नहीं होता। इसे अपराधी गैर-कानूनी धन को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए उपयोग करते हैं। कई बार लोग थोड़े से कमीशन के लालच में अपना बैंक अकाउंट दूसरों को इस्तेमाल करने देते हैं।
पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि उसे बैंक ट्रांजैक्शन की कोई जानकारी नहीं थी, और न ही वह उन लोगों को जानता है जिनके नाम से संबंधित लेन-देन हो रहे थे।
ग्रैंड डेस्टिनेशन वेडिंग में 1 करोड़ की एंट्री
ED की जांच में यह भी सामने आया कि संदिग्ध रकम में से 1 करोड़ रुपये से अधिक राजस्थान के उदयपुर के एक लग्जरी होटल में हुई ‘ग्रैंड डेस्टिनेशन वेडिंग’ में खर्च किए गए थे। यह शादी गुजरात के एक युवा नेता से जुड़ी बताई जा रही है। ED जल्द ही उनसे पूछताछ कर सकती है।
क्रिकेटरों पर भी गिरी गाज
1xBet से जुड़े इस ही नेटवर्क की जांच के तहत ED पहले ही पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना की करोड़ों की संपत्ति अटैच कर चुकी है। कई अन्य क्रिकेटर्स और सेलिब्रिटीज़ से भी पूछताछ की गई है।
अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग का गहरा नेटवर्क
अधिकारियों के अनुसार जमा हुई रकम कई अज्ञात स्रोतों से आई थी, जिन्हें तुरंत आगे अन्य संदिग्ध खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था। ED अब पूरे मनी ट्रेल, असली स्रोत और अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने में जुटी है।










