Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 02 December: अलौकिक श्रृंगार और चार समय के भोग के साथ दिव्य आरती
अयोध्या धाम। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि, विक्रम संवत 2082 (02 दिसंबर, मंगलवार) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में ब्रह्मांड नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का शुभ और अलौकिक श्रृंगार हुआ। रामलला का प्रतिदिन का श्रृंगार, भोग और पूजा-विधि अत्यंत भव्य और वैदिक परंपराओं के अनुसार की जाती है।
चार समय भोग—हर समय अलग व्यंजन
रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग लगाया जाता है।
ये सभी प्रसाद राम मंदिर की रसोई में तैयार होते हैं।
सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है, जिसमें हल्के व सात्विक व्यंजन परोसे जाते हैं।
दिन और मौसम के अनुसार भोग में विविधता रखी जाती है।
वस्त्र—मौसम के अनुसार बदलते हैं
रामलला को रोजाना मौसम के हिसाब से अलग-अलग वस्त्र पहनाए जाते हैं—
- गर्मियों में: सूती और हल्के वस्त्र
- सर्दियों में: स्वेटर, ऊनी पोशाक सहित गर्म वस्त्र
आरती का समय
- प्रथम आरती: सुबह 6:30 बजे
- दोपहर भोग आरती: 12 बजे
- संध्या आरती: 7:30 बजे
- इसके बाद रात्रि 8:30 बजे भगवान श्री रामलला का शयन कराया जाता है।
- भक्त शाम 7:30 बजे तक ही दर्शन कर सकते हैं।
श्रृंगार की विशेषताएं
अयोध्या में विराजमान प्रभु श्री रामलला का श्रृंगार प्रतिदिन अत्यंत भव्य रूप में होता है।
हर दिन भगवान अलग-अलग रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
उनकी फूलों की माला दिल्ली से विशेष रूप से मंगाई जाती है।
जगाने से लेकर स्नान, लेप, तिलक और वस्त्र-भूषण पहनाने तक संपूर्ण पूजन विधि वैदिक परंपरा के अनुसार होती है।
प्रभु श्री रामलला के दिव्य श्रृंगार और आरती का लाइव वीडियो देखें।











