बस्तर में 1.25 लाख हितग्राही संकट में: ई-केवाईसी न कराने पर अगले महीने से बंद होगा राशन

बस्तर में ई-केवाईसी न कराने पर अगले महीने से बंद हो सकता है राशन, 1.25 लाख हितग्राही संकट में

जगदलपुर। बस्तर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सरकारी राशन पाने वाले हजारों परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जिले में अब भी लगभग 1 लाख 25 हजार हितग्राहियों ने अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है, जिसकी वजह से अगले महीने से उन्हें एक दाना भी सरकारी अनाज नहीं मिलेगा। यह स्थिति जिले के ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए बेहद चिंता का विषय बन गई है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

8 लाख में से केवल 6.72 लाख का ई-केवाईसी पूरा

खाद्य विभाग के मुताबिक बस्तर जिले में कुल 8,23,610 हितग्राही राशन कार्ड में दर्ज हैं। इनमें से 6.72 लाख से ज्यादा का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है, लेकिन अब भी लगभग 1,25,000 हितग्राही प्रक्रिया से बाहर हैं

ई-केवाईसी की अनिवार्यता का उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों को हटाना और पात्र लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाना है। लेकिन सवाल यह है कि क्या तकनीकी समझ और संसाधनों की कमी वाले ग्रामीण क्षेत्रों तक यह जानकारी समय पर और प्रभावी ढंग से पहुंचाई गई?

10 दिन में पूरा करना होगा ई-केवाईसी: जिला खाद्य अधिकारी

जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम राठौर ने बताया—

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

“विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगले 10 दिनों में ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। पाँच साल से कम उम्र के बच्चों को छोड़कर लगभग 1,25,000 सदस्यों का केवाईसी होना बाकी है। उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से सूची प्रदर्शित कर दी गई है और कार्डधारियों को सूचित किया जा रहा है।”

उन्होंने अपील की कि जिनका ई-केवाईसी लंबित है, वे अपने नजदीकी राशन दुकान में आधार कार्ड के साथ उपस्थित होकर प्रक्रिया पूरी करें, अन्यथा वे अगले महीने से राशन से वंचित हो सकते हैं।

ग्रामीणों में असमंजस, तकनीकी प्रक्रिया बनी बड़ी बाधा

जमीनी हकीकत बताती है कि अब भी बड़ी संख्या में ग्रामीण ई-केवाईसी की प्रक्रिया को लेकर असमंजस में हैं।
— कई क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर
— आधार प्रमाणीकरण में बार-बार त्रुटियाँ
— दस्तावेजों की कमी
— बुजुर्ग और अशिक्षित हितग्राहियों के लिए प्रक्रिया समझ पाना मुश्किल

इन सब वजहों से हजारों परिवार अभी भी ई-केवाईसी नहीं कर पाए हैं।

समय सीमा खत्म होते ही राशन बंद होने का खतरा

विभाग ने 10 दिसंबर तक ई-केवाईसी पूरा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की है।
यदि यह समयसीमा बढ़ाई नहीं गई तो अगले महीने से 1.25 लाख से अधिक परिवारों के सामने खाद्यान्न संकट खड़ा हो सकता है।