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पुतिन ने राजघाट पर गांधी को नमन किया; पीएम मोदी बोले—“भारत न्यूट्रल नहीं, शांति का पक्षधर”

राजघाट पर श्रद्धांजलि के बाद हैदराबाद हाउस पहुंचे पुतिन; पीएम मोदी से बोले—“भारत न्यूट्रल नहीं, शांति के साथ है”

 

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी भारत यात्रा के दूसरे चरण में शुक्रवार को राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें वैश्विक शांति, नए विश्व व्यवस्था और यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख पर गहन चर्चा हुई।


PM मोदी का स्पष्ट संदेश: “भारत न्यूट्रल नहीं, शांति के साथ है”

संयुक्त बयान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत यूक्रेन युद्ध में न्यूट्रल नहीं, बल्कि शांति का समर्थक है।
मोदी ने यह भी कहा कि उन्होंने साल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप से भी यही बात कही थी।

PM मोदी ने पुतिन की एक दूरदर्शी नेता के रूप में प्रशंसा की और कहा:

“यह शांति का युग है। दुनिया को स्थिरता और संवाद की जरूरत है।”


पुतिन का गांधी को नमन—‘नए वर्ल्ड ऑर्डर’ में भी बापू की प्रासंगिकता

राजघाट में श्रद्धांजलि देने के बाद पुतिन ने विजिटर्स बुक में लिखा कि—

“महात्मा गांधी ने आधुनिक दुनिया में बन रही एक नई, अधिक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था (New World Order) का अंदाज़ा दशकों पहले ही लगा लिया था।”

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उन्होंने पत्र में यह भी लिखा:

  • गांधीजी ने स्वतंत्रता, परोपकार, नैतिकता और मानवता पर जो विचार दिए, वे आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं
  • रूस और भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर इन्हीं साझा मूल्यों के आधार पर सहयोग करते हैं
  • गांधी और टॉलस्टॉय की पत्र-व्यवहार से प्रेरणा लेकर उन्होंने वैश्विक शांति के सिद्धांतों को नई मजबूती दी

पुतिन ने बापू को “आधुनिक भारतीय राज्य का संस्थापक, महान विचारक और मानवतावादी” बताया।


21 तोपों की सलामी और राजघाट पर भावुक क्षण

भारत पहुंचते ही पुतिन को राष्ट्रपति भवन में 21 तोपों की सलामी दी गई।
इसके बाद वे राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने—

  • गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की
  • कुछ देर मौन रखा
  • विजिटर्स बुक में विस्तृत संदेश लिखा, जिसमें बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था और वैश्विक शांति पर जोर दिया

उनका यह संदेश भारत–रूस साझेदारी को गहराई देने की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।


हैदराबाद हाउस में हाई-लेवल मीटिंग

बैठक के दौरान मुख्यतः चर्चा हुई—

  • यूक्रेन युद्ध के समाधान पर भारत की शांति पहल
  • नए बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था (Multipolar World Order) में भारत–रूस की साझेदारी
  • ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और अंतरिक्ष सहयोग
  • रणनीतिक साझेदारी को अगले दशक में आगे बढ़ाने के रोडमैप पर

मोदी ने कहा कि भारत और रूस वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साझेदार हैं।


 

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