IndiGo Flights Disruption: उड़ानों में भारी अव्यवस्था, सरकार का कड़ा एक्शन—610 करोड़ का रिफंड, DGCA ने अंतिम नोटिस दिया
नई दिल्ली। देशभर में इंडिगो उड़ानों की बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन और देरी से यात्रियों में मची अफरा-तफरी के बीच नागर विमानन मंत्रालय और DGCA ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने बताया कि उड़ान सेवाएं तेजी से सामान्य हो रही हैं और एयरलाइनों पर किराया नियंत्रण, त्वरित रिफंड और सामान की प्राथमिकता डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।
सरकार ने जानकारी दी कि IndiGo अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है। शनिवार तक 3,000 से अधिक सामान के पैकेट यात्रियों को सौंपे जा चुके हैं।
JPC या न्यायिक जांच की मांग
सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने इस पूरे व्यवधान की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) या न्यायिक जांच की मांग की है।
हालाँकि ब्रिटास परिवहन संबंधी स्थायी समिति के सदस्य नहीं हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर हुई है, इसलिए संसद को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।
संसदीय समिति करेगी एयरलाइनों को तलब
संसद की परिवहन, पर्यटन और नागरिक उड्डयन समिति जल्दी ही निजी एयरलाइनों के शीर्ष अधिकारियों को तलब कर सकती है।
समिति की अध्यक्षता जेडीयू सांसद संजय झा कर रहे हैं।
समिति DGCA और नागर विमानन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भी नोटिस भेजने जा रही है।
उद्देश्य यह समझना है कि:
- इतने बड़े स्तर पर उड़ानें क्यों कैंसिल हुईं?
- क्या सुरक्षा या स्टाफिंग में बड़ी चूक हुई?
- भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या व्यवस्था होगी?
DGCA की अंतिम चेतावनी—8 दिसंबर शाम 6 बजे तक जवाब
डीजीसीए ने इंडिगो को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने की समय सीमा 8 दिसंबर शाम 6 बजे तक बढ़ा दी है।
साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया:
“अब और कोई समय नहीं दिया जाएगा। यदि IndiGo ने ठोस जवाब नहीं दिया तो उपलब्ध जानकारी के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।”
DGCA ने इंडिगो के अकाउंटेबल मैनेजर और CEO पीटर एल्बर्स को 6 दिसंबर को नोटिस भेजा था।
इंडिगो ने 7 दिसंबर को DGCA को पत्र लिखकर कहा कि:
- ऑपरेशन बहुत बड़े और जटिल हैं
- कई अनिवार्य कारणों से उड़ानें बाधित हुईं
- इसलिए विस्तृत जवाब के लिए अतिरिक्त समय चाहिए
इसके बाद DGCA ने 24 घंटे की अंतिम मोहलत दी।
यात्रियों की परेशानी, किराए में बढ़ोतरी पर सख्ती
फ्लाइट कैंसिलेशन और बढ़े हुए हवाई किराए पर सरकार ने एयरलाइनों को कड़ी चेतावनी दी है।
नागर विमानन मंत्रालय ने किराया नियंत्रण लागू करते हुए कहा कि:
- यात्री शोषण बर्दाश्त नहीं होगा
- रिफंड में देरी करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई होगी
- सामान की डिलीवरी प्राथमिकता के आधार पर की जाए











