
कोरबा–बिलासपुर रेल हादसा: सीआरएस की रिपोर्ट में रेल प्रशासन दोषी, सायको टेस्ट फेल चालक को दी गई थी ट्रेन की कमान
कोरबा–बिलासपुर रेल हादसे की सीआरएस रिपोर्ट जारी। अप्रशिक्षित और सायको टेस्ट फेल चालक को ट्रेन संचालन देने के कारण हादसा हुआ। 12 मौतों के बाद बिलासपुर DRM का तबादला, नया डीआरएम नियुक्त।
कोरबा–बिलासपुर रेल हादसा: सीआरएस ने रेल प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार, अप्रशिक्षित चालक को दी गई थी ट्रेन की कमान
बिलासपुर। कोरबा–बिलासपुर लोकल मेमू ट्रेन हादसे पर रेल सेफ्टी आयुक्त (CRS) बी.के. मिश्रा की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में हादसे के लिए रेल प्रशासन और चालक दोनों को जिम्मेदार ठहराया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक सुझाव भी दिए गए हैं।
सीआरएस मिश्रा ने कहा कि सभी मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग उपकरणों की घड़ियों को GPS समय से स्वतः समन्वित (सिंक) किया जाए, ताकि ट्रेन परिचालन से जुड़े सभी इवेंट्स का सटीक मिलान हो सके। इससे वास्तविक समय के आधार पर त्रुटियों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
सायको टेस्ट में फेल चालक को दी गई थी जिम्मेदारी
घटना के 20 दिन बाद सीआरएस बी.के. मिश्रा ने रेल मंत्रालय की ओर से जांच करते हुए केन्द्रीय रेलवे अस्पताल में असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज से दो घंटे तक पूछताछ की थी। रिपोर्ट के अनुसार,
- हादसे का मुख्य कारण अप्रशिक्षित चालक को ट्रेन संचालन की जिम्मेदारी देना था।
- चालक मनोवैज्ञानिक परीक्षण (Psychological Test) में पास नहीं हुई थी, इसके बावजूद उसकी ड्यूटी यात्री ट्रेन पर लगा दी गई।
- नियमानुसार यात्री ट्रेन का संचालन केवल सायको टेस्ट पास चालक को दिया जाना चाहिए था, लेकिन रेल प्रशासन ने इस नियम का उल्लंघन किया।
सीआरएस मिश्रा ने इसे रेल प्रशासन की गंभीर चूक बताते हुए कहा है कि यदि नियमों का पालन किया जाता, तो यह हादसा टल सकता था।
विभागीय अधिकारियों से तीन दिन तक पूछताछ
जांच के दौरान सीआरएस ने दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया और तीन दिन तक इलेक्ट्रिकल ओपी, इलेक्ट्रिकल, एसएंडटी, मैकेनिकल, सीएंडडब्ल्यू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों–कर्मचारियों से पूछताछ की।
प्रारंभिक रिपोर्ट में रेल प्रशासन की लापरवाही और अप्रशिक्षित चालक को ही बड़ा कारण बताया गया है।
12 यात्रियों की मौत, 20 से अधिक घायल
ज्ञात हो कि 4 नवंबर को कोरबा–बिलासपुर लोकल मेमू अप लाइन पर खड़ी कोयला लोड मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे में 12 यात्रियों की मौत हुई थी, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हुए थे। रेलवे को भी करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।
बिलासपुर DRM का तबादला, नया डीआरएम नियुक्त
हादसे के बाद रेल मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिलासपुर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) राजमल खोईवाल का तबादला कर दिया है। उनकी जगह उमेश कुमार को बिलासपुर का नया डीआरएम नियुक्त किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के एक और बड़े अधिकारी पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है।









