
बस्तर ओलंपिक 2025: 700 से अधिक नुवा बाट खिलाड़ियों की भागीदारी, अमित शाह का भरोसा – 2026 में नक्सलमुक्त बस्तर के साथ फिर लौटूंगा
बस्तर ओलंपिक 2025 के समापन समारोह में 700 से अधिक आत्मसमर्पित माओवादी और हिंसा से प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ियों ने भाग लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन का विश्वास जताया।
जगदलपुर, 13 दिसंबर 2025। संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक 2025 न केवल खेल प्रतिस्पर्धा बल्कि नए बस्तर की उम्मीदों का प्रतीक बनकर सामने आया। इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें 700 से अधिक ‘नुवा बाट’ (आत्मसमर्पित माओवादी) और माओवादी हिंसा से प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी भी शामिल हुए। वहीं करीब 2800 से अधिक अन्य खिलाड़ियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
इन खेलों में दिखा जोश
बस्तर ओलंपिक में फुटबॉल, वॉलीबॉल, कराटे, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, कबड्डी, आर्चरी, एथलेटिक्स, रस्साकसी, हॉकी और रिले रेस जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, लोकसभा सांसद बस्तर महेश कश्यप, सांसद कांकेर भोजराज नाग, विधायक लता उसेंडी, किरण देव, विक्रम उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, राज्य युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर संजय पांडे सहित केंद्र व राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी और हजारों खेलप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।
फाइनल मुकाबले और सांस्कृतिक रंग
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अतिथियों ने
- नुवा बाट व्हीलचेयर रेस,
- रिले रेस,
- रस्साकसी
जैसी प्रतियोगिताओं के फाइनल मुकाबले देखे।
कार्यक्रम में बस्तर अंचल और छत्तीसगढ़ की लोकरंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांधा। वहीं एजुकेशन सिटी जावंगा के घुड़सवारी में दक्ष बच्चों का मार्चपास्ट विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
यूथ आइकॉन का सम्मान
अतिथियों ने बस्तर ओलंपिक 2025 के विजेताओं (यूथ आइकॉन) को प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बस्तर ओलंपिक 2026 की विधिवत घोषणा करते हुए ध्वज मुख्य अतिथि को सौंपा गया।
अमित शाह का बड़ा बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा—
“मैं बस्तर ओलंपिक 2024 के समापन में भी आया था और आज 2025 के समापन में आकर अत्यंत खुशी हुई है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जब 2026 में लाल आतंक समाप्त हो जाएगा, तब फिर बस्तर ओलंपिक में आकर कहूंगा कि बस्तर देश का सबसे विकसित संभाग बन चुका है।”
उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि पूरे बस्तर की आशाओं और विश्वास की पहचान बन गया है। मार्च 2026 तक देश नक्सल उन्मूलन के निर्णायक चरण में पहुंच चुका है।










