
गाड़ी छुड़वाने के नाम पर 80 हजार की मांग: जांजगीर-चांपा में प्रधान आरक्षक निलंबित
जांजगीर-चांपा जिले में गाड़ी छुड़वाने के नाम पर अवैध उगाही के आरोप में प्रधान आरक्षक विनोद दिवाकर को निलंबित किया गया है। एसपी विजय कुमार पांडे ने मामले की जांच डीएसपी योगिता खापर्डे को सौंपी है।
गाड़ी छुड़वाने के नाम पर 80 हजार की मांग: जांजगीर-चांपा में प्रधान आरक्षक निलंबित
जांजगीर-चांपा जिले में गाड़ी छुड़वाने के नाम पर अवैध उगाही के आरोप में प्रधान आरक्षक विनोद दिवाकर को निलंबित किया गया है। एसपी विजय कुमार पांडे ने मामले की जांच डीएसपी योगिता खापर्डे को सौंपी है।
जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस महकमे की छवि को धूमिल करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गाड़ी छुड़वाने के नाम पर अवैध उगाही के आरोप में प्रधान आरक्षक (प्र.आर. 138) विनोद दिवाकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडे द्वारा की गई।
निलंबन के बाद प्रधान आरक्षक विनोद दिवाकर को रक्षित केंद्र जांजगीर-चांपा में संबद्ध किया गया है। नियमानुसार निलंबन अवधि में उन्हें निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
80 हजार रुपये की मांग का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी टी. आर. साहू, निवासी मड़वा, ने अपनी गाड़ी किसी अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रखी थी। उसी गाड़ी को छुड़वाने के नाम पर प्रधान आरक्षक विनोद दिवाकर द्वारा 80 हजार रुपये की मांग किए जाने का आरोप है।
एसपी से की गई शिकायत
प्रार्थी ने मामले की शिकायत सीधे पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडे से की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया।
डीएसपी को सौंपी गई जांच
मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए डीएसपी योगिता खापर्डे को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।













