
दिल्ली में WHO क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन, जेपी नड्डा ने WHO प्रमुख से की अहम बैठक
WHO दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन के बाद जेपी नड्डा और WHO महानिदेशक डॉ. टेड्रोस के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक, वैश्विक स्वास्थ्य पर चर्चा।
दिल्ली में WHO दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन, जेपी नड्डा ने WHO प्रमुख से की अहम बैठक
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली में नवनिर्मित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय परिसर का दौरा किया। इस अत्याधुनिक कार्यालय का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के विभिन्न देशों से आए WHO के मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस दौरान WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस के साथ एक सार्थक द्विपक्षीय बैठक भी की। बैठक में भारत और WHO के बीच साझेदारी को और मजबूत करने तथा वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़ी साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
जेपी नड्डा ने कहा कि भारत वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक जिम्मेदार भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि दुनिया के कई देशों को वैक्सीन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को साकार किया।
नवनिर्मित WHO दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय परिसर को लेकर नड्डा ने कहा कि यह अत्याधुनिक भवन संवाद, विचार-विमर्श और निर्णय-निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों पर नीतिगत चर्चाएं होंगी और प्रभावी समाधान तैयार किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में WHO का यह नया क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित होना देश की वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व भूमिका को और मजबूत करता है। इससे दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण, रोग नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी।
यह पहल भारत और WHO के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ-साथ वैश्विक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









