
टी.एस. सिंहदेव का बड़ा बयान: चुनाव के लिए देश में विभाजनकारी राजनीति कर रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए देश को बांटने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने मणिपुर, असम और उत्तर पूर्व की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए।
टी.एस. सिंहदेव का मोदी सरकार पर तीखा हमला: “देश को बांटने की राजनीति कर रहे हैं प्रधानमंत्री”
रायपुर।छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का दुर्भाग्य है कि आज ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो चुनावी लाभ के लिए विभाजनकारी राजनीति कर रहे हैं और समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
टी.एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर जारी अपने लंबे बयान में कहा कि आज़ादी के बाद देश को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य कांग्रेस पार्टी ने किया था। कांग्रेस ने विभिन्न प्रांतों, रियासतों, भाषाओं, विचारधाराओं और धर्मों को एक सूत्र में पिरोकर एक संप्रभु और मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया।
“कांग्रेस ने केवल देश नहीं बनाया, उसे सद्भाव से आगे बढ़ाया”
सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस ने न केवल भारत को एक राष्ट्र के रूप में संगठित किया, बल्कि सद्भाव, लोकतंत्र और सामाजिक समरसता के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में देश की एकता और अखंडता सर्वोच्च प्राथमिकता रही।
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जब तत्कालीन ईस्ट पाकिस्तान (पूर्वी पाकिस्तान) में तानाशाही शासन हावी हो गया था और उसके दुष्प्रभाव भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों तक फैलने लगे थे, तब कांग्रेस सरकार ने दृढ़ नेतृत्व का परिचय दिया।
इंदिरा गांधी के नेतृत्व में निर्णायक युद्ध का उल्लेख
टी.एस. सिंहदेव ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में भारत ने निर्णायक युद्ध लड़ा और पाकिस्तान को पराजित कर बांग्लादेश का निर्माण कराया। उन्होंने कहा कि यह भारत की विदेश नीति, सैन्य क्षमता और मानवीय दृष्टिकोण का ऐतिहासिक उदाहरण था।
उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय कांग्रेस ने न केवल अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा की, बल्कि पड़ोसी देशों में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के पक्ष में भी मजबूत रुख अपनाया।
“भाजपा सरकार ने उत्तर-पूर्व को क्या दिया?”
सिंहदेव ने मौजूदा भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज उत्तर-पूर्व भारत गंभीर संकट से गुजर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार की संवेदनशीलता पूरी तरह नदारद है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर वर्षों से हिंसा की आग में जल रहा है, जहां बच्चों और युवाओं की हत्या हुई, महिलाओं के साथ अमानवीय अपराध हुए, लेकिन प्रधानमंत्री ने वहां जाकर हालात देखने तक की जरूरत नहीं समझी।
मणिपुर हिंसा पर गंभीर आरोप
टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि मणिपुर की स्थिति ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा, हत्या और बलात्कार जैसी घटनाओं के बावजूद केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया बेहद कमजोर रही।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है कि प्रधानमंत्री तक ने मणिपुर जाकर पीड़ितों से मिलने की पहल नहीं की। यह लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय जिम्मेदारियों से पीछे हटने का संकेत है।
“पूरे उत्तर-पूर्व की उपेक्षा कर रही है सरकार”
सिंहदेव ने कहा कि सिर्फ मणिपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व के राज्यों की मांगों, अधिकारों और समस्याओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव के समय तो बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद क्षेत्रीय मुद्दों को नजरअंदाज कर देती है।
असम में सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप
टी.एस. सिंहदेव ने असम की स्थिति पर भी गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि असम में सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां झूठ बोलकर और भ्रम फैलाकर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का उद्देश्य विकास नहीं, बल्कि धर्म और पहचान के आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण करना है।
“विचारधारा का संघर्ष और नफरत की राजनीति में अंतर”
सिंहदेव ने कहा कि लोकतंत्र में विचारधाराओं का संघर्ष स्वाभाविक और आवश्यक होता है, लेकिन मौजूदा राजनीति उस स्तर से नीचे गिर चुकी है।
उन्होंने कहा,
“विचारधारा का संघर्ष कुछ और होता है, लेकिन मोदी जी की राजनीति का स्तर घृणित और शर्मनाक है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार समाज में नफरत फैलाकर सत्ता में बने रहना चाहती है, जो भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
राजनीतिक हलकों में बयान के मायने
टी.एस. सिंहदेव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाया हुआ है और आगामी चुनावों को लेकर बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। कांग्रेस इस बयान के जरिए भाजपा को उत्तर-पूर्व, मणिपुर हिंसा और सांप्रदायिक राजनीति के मुद्दों पर घेरने की रणनीति अपनाती दिख रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिंहदेव का यह बयान कांग्रेस की उस लाइन को मजबूत करता है जिसमें पार्टी खुद को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षक के रूप में पेश कर रही है।








