ताजा ख़बरेंदेशब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्य
Trending

भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक FTA संपन्न: 100% निर्यात पर ‘जीरो ड्यूटी’ और $20 बिलियन निवेश का रास्ता साफ

भारत और न्यूजीलैंड ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया। जानिए कैसे भारत को मिलेगा जीरो ड्यूटी निर्यात का लाभ, $20 बिलियन का निवेश और 5000 नए वर्क वीज़ा।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक FTA संपन्न: 100% निर्यात पर ‘जीरो ड्यूटी’ और $20 बिलियन निवेश का रास्ता साफ

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

भारत और न्यूजीलैंड के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के मार्गदर्शन में, दोनों देशों ने रिकॉर्ड 9 महीनों के भीतर एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दे दिया है। यह समझौता ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।

समझौते के लागू होते ही न्यूजीलैंड में भारत के 100% निर्यात पर सीमा शुल्क (Customs Duty) खत्म कर दिया जाएगा।

  • किसे होगा फायदा: कपड़ा (Textiles), चमड़ा, फुटवियर, आभूषण, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर।

  • प्रभाव: इससे भारतीय MSMEs, कारीगरों और महिला उद्यमियों को न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पाद बेचने में आसानी होगी और मुनाफा बढ़ेगा।

    mantr
    66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

न्यूजीलैंड ने भारत में अगले 15 वर्षों के दौरान 20 बिलियन डॉलर (लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये) के निवेश को सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश मुख्य रूप से विनिर्माण (Manufacturing), बुनियादी ढांचे और इनोवेशन के क्षेत्र में आएगा।

युवाओं के लिए यह समझौता नई उम्मीदें लेकर आया है:

  • कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 अस्थायी रोजगार वीज़ा का कोटा निर्धारित किया गया है।

  • छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद काम (Post-study work) के नियमों को आसान बनाया गया है।

  • नर्सिंग, आईटी और पारंपरिक चिकित्सा (आयुर्वेद आदि) के क्षेत्र में काम करने वालों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

भारत ने अपनी घरेलू संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए डेयरी, चीनी, कॉफी, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे क्षेत्रों को इस समझौते में शुल्क कटौती से बाहर रखा है। इसका मतलब है कि न्यूजीलैंड से आने वाले दूध या डेयरी उत्पादों से भारतीय किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा।

  • इसके साथ ही, कीवी (Kiwifruit) और सेब जैसे फलों के लिए नई तकनीक भारत आएगी जिससे उत्पादकता बढ़ेगी।

भारत के मजबूत सेवा क्षेत्र जैसे आईटी (IT/ITeS), शिक्षा, पर्यटन और बैंकिंग को न्यूजीलैंड में काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!