
Jyotiraditya Scindia Tripura Visit: पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार, अष्टलक्ष्मी बनेगी विकास का गेटवे
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्रिपुरा में सीएम माणिक साहा के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। पूर्वोत्तर भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को लेकर बनी बड़ी योजना।
पूर्वोत्तर बनेगा दक्षिण-पूर्वी एशिया का प्रवेश द्वार: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्रिपुरा में ‘अष्टलक्ष्मी’ राज्यों के लिए बनाया मास्टरप्लान
अगरतला/नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा की अध्यक्षता में इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पर एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों (NER) को भारत के विकास का नया इंजन बनाना है।
‘Act East’ विजन पर जोर:
सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Act East, Act Fast and Act First’ के विजन को दोहराते हुए कहा कि हमारी रणनीति ‘अष्टलक्ष्मी’ (पूर्वोत्तर के 8 राज्यों) को दक्षिण-पूर्वी एशिया के लिए भारत के प्रवेश द्वार (Gateway) के रूप में स्थापित करने की है।
बैठक के मुख्य बिंदु:
-
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: सड़क, रेल और हवाई मार्गों के साथ-साथ डिजिटल कनेक्टिविटी की समीक्षा की गई ताकि व्यापार और विकास के नए अवसर खुल सकें।
-
रणनीतिक रोडमैप: पूर्वोत्तर में लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक ठोस रणनीतिक रोडमैप तैयार किया गया है।
-
प्रमुख उपस्थिति: बैठक में मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, सिक्किम सरकार के प्रतिनिधि और DPIIT के अधिकारियों सहित कई महत्वपूर्ण हितधारक शामिल हुए।











