
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बढ़ा सुविधाओं का दायरा, मेडिकल ऑफिसर व स्टाफ भर्ती से सुधरी स्वास्थ्य व्यवस्था
शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मेडिकल ऑफिसर, पैरामेडिकल स्टाफ और स्टाफ नर्स की भर्ती से स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त हुई हैं। दवाओं और जांच सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।
रायपुर, 24 दिसंबर 2025।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) राजनांदगांव ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आम जनता को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नगर निगम के 51 वार्डों में प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से इन केंद्रों की स्थापना की गई है, जहां आवश्यक अधोसंरचना के साथ निरंतर सुधार किया जा रहा है।
पूर्व में इन केंद्रों में केवल महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की तैनाती रहती थी, लेकिन अब व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए उच्च योग्यताधारी मेडिकल ऑफिसर, पैरामेडिकल स्टाफ, स्टाफ नर्स एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की गई है। इसका सीधा लाभ मरीजों को मिल रहा है और ओपीडी में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
दवाओं की उपलब्धता को लेकर विभाग ने जानकारी दी कि बीपी, शुगर सहित अन्य आवश्यक दवाओं की आपूर्ति शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरपुर, मोतीपुर और लखोली के माध्यम से की जा रही है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन (CGMSC) द्वारा प्रदाय की जाने वाली दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। तकनीकी कमियों को दूर कर गैप एनालिसिस के माध्यम से सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के संबंध में विभाग ने बताया कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन प्राप्त है, जो बेहतर स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का प्रमाण है। इन केंद्रों में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, ई-संजीवनी, फिजियोथैरेपी, लैब जांच और फार्मेसी सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिला चिकित्सालय में संचालित “हमर लैब” के माध्यम से विभिन्न प्रकार की जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।












