
झीरम घाटी पर जेपी नड्डा का बयान दुखद, जानकारी है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?: टी.एस. सिंहदेव
रायपुर: जांजगीर में जेपी नड्डा के झीरम घाटी हमले पर दिए बयान को लेकर टी.एस. सिंहदेव ने सवाल उठाए। कहा— यदि जानकारी है तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई, अन्यथा शहीदों से माफी मांगें।
रायपुर।पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के जांजगीर में दिए गए बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सिंहदेव ने कहा कि झीरम घाटी हमले को लेकर नड्डा का बयान न केवल आश्चर्यजनक है, बल्कि बेहद दुखद भी है।
टी.एस. सिंहदेव ने सवाल उठाया कि एक केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए यदि जे.पी. नड्डा यह कहते हैं कि उन्हें झीरम घाटी हमले में शामिल लोगों की जानकारी है, तो अब तक उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि सच में जानकारी है, तो उसे देश के सामने रखा जाना चाहिए।
सिंहदेव ने नड्डा के “रक्षक” वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि शायद वे यह भूल गए हैं कि झीरम घाटी हमले के समय प्रदेश में डॉ. रमन सिंह की सरकार थी। उस समय राज्य का पूरा सुरक्षा तंत्र, पुलिस और बल भाजपा सरकार के अधीन थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक “नाकाबिल सरकार” अपने ही जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रक्षा करने में विफल रही।
उन्होंने कहा कि इतनी भीषण और दर्दनाक हत्या को राजनीति का विषय बनाना और जानकारी होने का दावा करने के बावजूद चुप रहना न्यायसंगत नहीं है। यदि जे.पी. नड्डा के पास सबूत हैं, तो उन्हें सामने लाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
टी.एस. सिंहदेव ने स्पष्ट कहा कि यदि ठोस प्रमाण नहीं हैं, तो इस तरह के बयान देने के लिए जे.पी. नड्डा को झीरम घाटी के शहीदों और कांग्रेस परिवार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि झीरम घाटी हमले का सच सामने आना चाहिए, लेकिन राजनीति के लिए शहीदों के सम्मान से खिलवाड़ को छत्तीसगढ़ कभी स्वीकार नहीं करेगा।












