अयोध्या में रामलला का दिव्य श्रृंगार, दिन में चार समय लगता है भोग, जानिए पूरा दैनिक पूजन क्रम
अयोध्या धाम स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी प्रभु श्री रामलला सरकार की सेवा और श्रृंगार प्रतिदिन अत्यंत विधि-विधान और भव्यता के साथ किया जाता है। रामलला को दिन में चार समय भोग अर्पित किया जाता है, जो मंदिर की पवित्र रसोई में विशेष रूप से तैयार होता है।
सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है। इसके बाद समय और ऋतु के अनुसार अलग-अलग व्यंजन परोसे जाते हैं। रामलला को हर दिन और मौसम के अनुसार विशेष वस्त्र पहनाए जाते हैं—
- ग्रीष्म ऋतु में सूती और हल्के वस्त्र
- शीत ऋतु में स्वेटर और ऊनी वस्त्र
पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि, विक्रम संवत 2082 (बुधवार, 31 दिसंबर) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम का शुभ अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।
रामलला का दैनिक पूजन व आरती क्रम:
- 🕡 प्रातः 6:30 बजे – पहली आरती (जागरण आरती)
- 🛐 पूजन के बाद लेप, स्नान और वस्त्र धारण
- 🕛 दोपहर 12:00 बजे – भोग आरती
- 🌆 शाम 7:30 बजे – संध्या आरती
- 🛌 रात 8:30 बजे – शयन आरती व विश्राम
रामलला के दर्शन शाम 7:30 बजे तक ही किए जा सकते हैं।
विशेष आकर्षण:
प्रभु श्री रामलला को प्रतिदिन दिल्ली से मंगाई गई ताज़ी फूलों की माला अर्पित की जाती है। रोजाना भगवान भक्तों को नए स्वरूप में दर्शन देते हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत और अलौकिक अनुभूति का कारण बनता है।










