‘सोमनाथ स्वाभिमान की अमर गाथा है’: पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने पर PM मोदी का संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2026 को भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि इसी वर्ष सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर “जय सोमनाथ!” के उद्घोष के साथ अपना संदेश साझा किया।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

पीएम मोदी ने कहा कि बार-बार हुए आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग खड़ा है, जो भारत माता की उन करोड़ों वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा को दर्शाता है, जिनके लिए संस्कृति और सभ्यता सदैव सर्वोपरि रही है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

सोमनाथ: आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक

प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। इतिहास गवाह है कि हर बार विध्वंस के बाद देशवासियों ने इसे पुनः खड़ा किया, जो यह साबित करता है कि भारत की आस्था और सभ्यता को कोई भी शक्ति समाप्त नहीं कर सकती।

Op-Ed के जरिए दिया संदेश

पीएम मोदी ने इस विषय पर अपना आलेख (Op-Ed) From narendramodi.in भी साझा किया है, जिसमें उन्होंने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व, संघर्ष और पुनर्निर्माण की परंपरा को विस्तार से बताया है। उन्होंने देशवासियों से इस गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने इस पहल को #SomnathSwabhimanParv से जोड़ा है, जिसे सांस्कृतिक स्वाभिमान और ऐतिहासिक स्मृति से जुड़ा एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में देखा जा रहा है।