
KGBV को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम: बेंगलुरु में वार्डन और मास्टर ट्रेनर्स का 5 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
शिक्षा मंत्रालय और NIEPA के सहयोग से बेंगलुरु में KGBV वार्डन व मास्टर ट्रेनर्स का 5 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के लिए सुरक्षित और समावेशी शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
बेंगलुरु। शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) के सहयोग से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के लिए 5 से 9 जनवरी तक बेंगलुरु में KGBV वार्डन और मास्टर ट्रेनर्स का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

इससे पहले विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 5 दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था। यह प्रशिक्षण कैस्केडिंग मॉडल पर आधारित है, जिसमें पहले NIEPA द्वारा मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाता है और वही आगे चलकर KGBV वार्डनों को प्रशिक्षण देते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एक व्यापक हैंडबुक का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें
- प्रशासनिक प्रबंधन
- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता
- पोषण
- सुरक्षा व्यवस्था
- लैंगिक संवेदनशीलता
- सामुदायिक सहभागिता
- वित्तीय प्रबंधन
- ICT टूल्स
जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को श्रीमती अर्चना शर्मा अवस्थी, अपर सचिव (SE&L), प्रो. शशिकला जी. वंजारी, कुलपति, NIEPA, डॉ. विद्या कुमारी, राज्य परियोजना निदेशक (SPD) और डॉ. संतवाना जी. मिश्रा, एसोसिएट प्रोफेसर, NIEPA ने संबोधित किया। वहीं संजय कुमार, सचिव (SE&L) का वीडियो संदेश भी प्रतिभागियों को दिखाया गया।
शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पहल KGBV में अध्ययनरत बालिकाओं के लिए समावेशी, सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने की विभागीय प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।










