
दो साल में राजस्व व उच्च शिक्षा विभाग के ऐतिहासिक फैसले, टंक राम वर्मा ने गिनाईं उपलब्धियां और भविष्य की कार्ययोजना
छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने नवा रायपुर में प्रेस वार्ता कर पिछले दो वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं। भूमि सुधार, आपदा प्रबंधन, उच्च शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बड़ी घोषणाएं की गईं।
रायपुर | 06 जनवरी 2026 | छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए कार्यों और आगामी कार्ययोजना को लेकर आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में एक विस्तृत प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विभागीय मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता, जनहित और विकास को केंद्र में रखकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका लाभ सीधे आम जनता तक पहुंच रहा है।
मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग में लंबे समय से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण, भूमि विवादों में कमी, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि राज्य स्तर पर राज्य शासन द्वारा आवंटित जमीन को हाउसिंग बोर्ड को प्रत्यावर्तित किया गया है। कॉलोनियों और अपार्टमेंट में निर्मित सड़क, गार्डन और सामुदायिक भवनों को अनुभागीय भू-स्वामी के संयुक्त नाम पर दर्ज करने का प्रावधान किया गया है, जिससे भविष्य में विवाद की संभावना कम होगी।
स्वामित्व कार्ड वितरण योजना के तहत अब तक 80 हजार हितग्राहियों को लाभ मिला है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को स्थायी/अस्थायी पट्टा प्रदान करने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
मंत्री वर्मा ने बताया कि विवादित रकबा मुक्त करने के लिए 562 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसानों को 10 हजार रुपये वार्षिक की सहायता दी जा रही है।
प्रदेश के सभी तहसील कार्यालयों में कंप्यूटर, प्रिंटर और आईटी संसाधनों के लिए 115 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे कामकाज में पारदर्शिता और गति आएगी।
राज्य आपदा प्रबंधन कोष से 100 करोड़ रुपये और राज्य आपदा पुनर्निर्माण निधि के लिए 133 करोड़ 40 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
आपदाओं की रोकथाम और योजना निर्माण के लिए 58 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे भविष्य की आपदाओं से निपटने की तैयारी मजबूत होगी।
राज्य के रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जिलों में राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए अतिरिक्त न्यायालयों की स्थापना की जा रही है। तहसीलदारों को 30 एवं नायब तहसीलदारों को 15 नये पदों की स्वीकृति दी गई है।
अभिलेखों के डिजिटलीकरण और ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा दिया गया है, जिससे नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके।
उच्च शिक्षा विभाग में भी बीते दो वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। कॉलेजों में अधोसंरचना विस्तार, नए विषयों की स्वीकृति और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री टंक राम वर्मा ने यह भी स्वीकार किया कि विभाग के सामने चुनौतियां मौजूद हैं। राज्य स्तर और जिला स्तर पर बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जिनकी भरपाई के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
प्रेस वार्ता के अंत में मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनता के हित में पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले वर्षों में राजस्व, आपदा प्रबंधन और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और बड़े सुधार देखने को मिलेंगे।












