
मेजर जनरल अजय फ़िरोज़ शाह ने अंडमान और निकोबार कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ का पद संभाला
07 जनवरी 2026 को मेजर जनरल अजय फ़िरोज़ शाह ने अंडमान और निकोबार कमांड में चीफ ऑफ स्टाफ का पद ग्रहण किया। रियर एडमिरल बिप्लब होटा, VSM से पदभार ग्रहण कर उन्होंने जॉइंट सर्विसेज कमांड की प्रभावशीलता को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा।
मेजर जनरल अजय फ़िरोज़ शाह ने अंडमान और निकोबार कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में पद संभाला
नई दिल्ली / अंडमान – 07 जनवरी 2026: भारतीय सशस्त्र बलों के संयुक्त कमांड, अंडमान और निकोबार कमांड (ANC) में महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। 07 जनवरी 2026 को मेजर जनरल अजय फ़िरोज़ शाह ने चीफ ऑफ स्टाफ का पद ग्रहण किया। उन्होंने यह जिम्मेदारी रियर एडमिरल बिप्लब होटा, VSM से संभाली, जो अब इस पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
मेजर जनरल शाह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं। उनके पास व्यापक ऑपरेशनल और जॉइंट सर्विसेज अनुभव है, जो उन्हें इस उच्च जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाता है। उन्होंने भारतीय सेना के विभिन्न कमांडों में सेवा दी है और कई जटिल ऑपरेशनल मिशनों का नेतृत्व किया है।
उनका कैरियर सैन्य प्रशिक्षण, रणनीतिक योजना और संयुक्त सेवाओं के संचालन में समर्पित रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न संयुक्त अभ्यासों में भी हिस्सा लिया है, जिससे उन्हें नौसेना, वायुसेना और कोस्ट गार्ड के साथ मिलकर काम करने का अनुभव है।
अंडमान और निकोबार कमांड भारत की एकमात्र जॉइंट सर्विसेज कमांड है, जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के उच्च अधिकारी शामिल होते हैं। इस कमांड का मुख्य उद्देश्य पूर्वी समुद्री सीमा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीप समूह की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मुख्य कार्यक्षेत्र:
- द्वीप समूहों की समुद्री और हवाई सुरक्षा
- भारत के पूर्वी क्षेत्र में रणनीतिक निगरानी
- आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में सेना का समन्वय
- संयुक्त अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में नेतृत्व
मेजर जनरल शाह का नियुक्त होना ANC की सैन्य क्षमता और रणनीतिक प्रभावशीलता को और मजबूत करेगा, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के बढ़ते हितों के मद्देनज़र।
रियर एडमिरल बिप्लब होटा, VSM ने ANC में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए और जॉइंट सर्विसेज के प्रभाव को बढ़ाया। उनके नेतृत्व में कमांड ने सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री निगरानी और आपसी समन्वय में कई उपलब्धियां हासिल की।
मेजर जनरल शाह द्वारा उनके पदभार संभालने के बाद ANC में नई रणनीतिक योजनाओं और संचालन में सुधार की उम्मीद है।
मेजर जनरल शाह का मुख्य फोकस जॉइंट ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने पर रहेगा। उनके दृष्टिकोण में शामिल हैं:
- सैन्य तैयारियों में सुधार: सभी तीन सेवाओं के बीच संचालन और प्रशिक्षण का तालमेल
- रणनीतिक निगरानी: द्वीप समूह और आसपास के समुद्री क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का समाधान
- आपदा प्रबंधन: प्राकृतिक आपदाओं या संकट के समय त्वरित प्रतिक्रिया और राहत कार्य
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: भारत के सहयोगी देशों के साथ संयुक्त अभ्यास और सुरक्षा रणनीतियों का विकास
ANC जैसे जॉइंट कमांड भारतीय सशस्त्र बलों की सामरिक और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक हैं। यहां तीनों सेवाओं के प्रमुख अधिकारी मिलकर रणनीति, ऑपरेशनल निर्णय और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करते हैं।
मेजर जनरल शाह का नेतृत्व ANC की क्षमता को नई ऊँचाई पर ले जाने की संभावना है। उनके अनुभव और दृष्टिकोण से कमांड की प्रभावशीलता में सुधार होगा और भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए यह एक निर्णायक कदम साबित होगा।
- राष्ट्रीय सुरक्षा: पूर्वी समुद्री सीमा और द्वीप समूहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- आपदा प्रबंधन: आपदा या संकट की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया
- सैन्य प्रशिक्षण और रणनीति: नई पीढ़ी के अधिकारियों को मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देना
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: समुद्री और रणनीतिक अभ्यासों में भारत की भूमिका को मजबूती
ANC में मेजर जनरल शाह का नेतृत्व भारत के लिए रणनीतिक और सुरक्षा दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है।
मेजर जनरल अजय फ़िरोज़ शाह का अंडमान और निकोबार कमांड में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में पद ग्रहण करना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है। उनके अनुभव और जॉइंट सर्विसेज में विशेषज्ञता से ANC की क्षमता बढ़ेगी और भारत की पूर्वी सीमा की सुरक्षा और संचालन में नई मजबूती आएगी।
इस परिवर्तन से न केवल भारतीय सशस्त्र बलों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति भी मजबूत होगी।









