
आत्मनिर्भर AI की ओर भारत: पीएम मोदी का स्टार्टअप लीडर्स को संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI स्टार्टअप लीडर्स से संवाद कर कहा—भारत को दूसरों को अपनाने वाला नहीं, दुनिया के लिए समाधान गढ़ने वाला देश बनना है।
आत्मनिर्भर इंटेलिजेंस की दिशा में भारत: पीएम मोदी का AI स्टार्टअप लीडर्स को स्पष्ट संदेश
नई दिल्ली | 10 जनवरी 2026| भारत को आत्मनिर्भर इंटेलिजेंस (Self-Reliant AI) का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रमुख AI स्टार्टअप लीडर्स से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
“भारत को दूसरों को अपनाने वाला नहीं, बल्कि दुनिया के लिए समाधान गढ़ने वाला देश बनना है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास स्केल, टैलेंट और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की वह ताकत है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल एक वादा नहीं, बल्कि वैश्विक प्रभाव (Global Impact) में बदल सकती है।
भारत का AI विज़न: समाधान-केंद्रित नवाचार
पीएम मोदी ने AI स्टार्टअप्स से आग्रह किया कि वे भारतीय जरूरतों से निकलकर वैश्विक समस्याओं के समाधान विकसित करें। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में AI की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए।
भविष्य के इनोवेटर्स के लिए प्रेरक संवाद
यह संवाद देश के उभरते इनोवेटर्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। प्रधानमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार IndiaAI, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से नवाचार को हरसंभव समर्थन दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत का AI मॉडल नैतिक, समावेशी और भरोसेमंद होना चाहिए, ताकि तकनीक के साथ-साथ समाज का भी संतुलित विकास हो।
AI के क्षेत्र में यह संवाद भारत को भविष्य की वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडरशिप की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।










