
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सूरजपुर में पीएम आवास योजना के हितग्राही के घर पहुंचकर जाना ज़मीनी अनुभव
सूरजपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही के घर जाकर पक्के मकान का निरीक्षण किया और आवास मिलने से आए जीवन बदलावों को जाना।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पीएम आवास योजना के हितग्राही के घर पहुंचकर जाना ज़मीनी अनुभव
सूरजपुर, 18 जनवरी 2026 | जिला संवाददाता |मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को सूरजपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही कालीचरण के निवास पर पहुंचकर उनके पक्के आवास का निरीक्षण किया और परिवारजनों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री का अपने घर आगमन देख हितग्राही एवं उनके परिजन भावविभोर नजर आए।
मुख्यमंत्री ने सहज और स्नेहपूर्ण वातावरण में परिवार के साथ बैठकर उनकी दिनचर्या, आवश्यकताओं तथा आवास मिलने के बाद जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने हितग्राही से आवास प्राप्ति से पूर्व कच्चे मकान में रहने के दौरान आई कठिनाइयों, बरसात और मौसम की मार, सुरक्षा की चिंता तथा सामाजिक असहजता से जुड़े अनुभव भी विस्तार से सुने।
हितग्राही कालीचरण ने बताया कि पक्का आवास मिलने से न केवल उनका जीवन सुरक्षित हुआ है, बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अब परिवार को स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन का आधार मिला है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मूल उद्देश्य यही है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी बुनियादी आवश्यकता से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं होता, बल्कि यह सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबके लिए आवास” के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ ज़मीन पर उतार रही है। आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और पात्रता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सही हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कोई भी पात्र परिवार वंचित न रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हितग्राही परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके प्रभाव को लोगों के जीवन में प्रत्यक्ष रूप से देखना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, ईमानदारी और तत्परता बनाए रखें, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे।










