
मुंगेली में धान खरीदी घोटाला: 8.14 करोड़ का फर्जीवाड़ा उजागर, 5 आरोपी गिरफ्तार
मुंगेली जिले में धान खरीदी और परिवहन में 8.14 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। राइस मिलर, समिति प्रबंधक सहित 5 आरोपी गिरफ्तार, 4 फरार की तलाश जारी।
मुंगेली जिले में धान खरीदी में 8.14 करोड़ का फर्जीवाड़ा उजागर, 5 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर, 21 जनवरी 2026/ मुंगेली जिले में धान खरीदी एवं परिवहन व्यवस्था में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई में 8 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक के आर्थिक घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में राइस मिलर संचालक, समिति प्रबंधक सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर से प्राप्त अलर्ट के आधार पर की गई जांच में धान के फर्जी वाहनों से परिवहन, अत्यधिक ओवरलोडिंग और रिसायक्लिंग के गंभीर मामले उजागर हुए हैं। जांच में पाया गया कि धान परिवहन करने वाले वाहनों द्वारा वास्तविक क्षमता से 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक ओवरलोडिंग कर अवैध परिवहन किया गया।
संगठित फर्जीवाड़े से शासन को भारी नुकसान
कलेक्टर कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर खाद्य विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने विस्तृत जांच की। जांच में सामने आया कि राइस मिलरों, समिति प्रबंधकों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों द्वारा संगठित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर, पीडीएस चावल का वितरण नहीं किया गया और फर्जी वाहन नंबरों के जरिए धान परिवहन दर्शाया गया। इस प्रक्रिया में शासन को 8.14 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।
प्रारंभिक जांच में लगभग 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी एवं परिवहन में गंभीर अनियमितताओं के प्रमाण मिले हैं।
कई समितियों और राइस मिलों की मिलीभगत उजागर
जांच में यह भी सामने आया कि—
- नवागांव घुठेरा समिति द्वारा उपलेटा राइस मिल से मिलीभगत कर 74 जीपीएस युक्त एवं 40 से अधिक बिना जीपीएस वाहनों के माध्यम से अवैध परिवहन किया गया।
- सिंघनुपरी उपार्जन केंद्र द्वारा एसएस फूड के साथ मिलकर 4,542 क्विंटल धान का बिना जीपीएस वाहन से परिवहन किया गया।
- छटन उपार्जन केंद्र द्वारा दीपक राइस मिल एवं नवकार मिल के साथ मिलकर 3,589 क्विंटल धान का अवैध परिवहन किया गया।
- झगरहट्टा उपार्जन केंद्र द्वारा वर्धमान राइस मिलर्स के साथ धान खरीदी में अनियमितता की गई।
गिरफ्तार और फरार आरोपी
इस प्रकरण में
अब्दुल सत्तार (निवासी दाउपारा), विकास पाण्डेय (भटगांव-मुंगेली), महावीर जैन, संतोष साहू और श्रीधर परिहार को गिरफ्तार किया गया है।
वहीं अब्दुल समद, ललित जैन, नवेन्द मेनन और अनिल जांगड़े फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
अन्य थानों में भी दर्ज हुए मामले
थाना फास्टरपुर में अपराध क्रमांक 12/2026 तथा थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत भी धान उपार्जन केंद्रों में फर्जी परिवहन, धोखाधड़ी और अनियमितताओं के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में भी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़े को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।









