
PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा में बना रहा नई पहचान: CM विष्णु देव साय
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से छत्तीसगढ़ के हजारों परिवार सोलर पैनल लगाकर खुद बिजली बना रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम बताया।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा की दिशा में बना रहा नई पहचान
रायपुर |छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेज़ी से उभरते राज्यों में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, डबल इंजन सरकार के प्रभावी नेतृत्व में संचालित पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने राज्य के हजारों परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। इस योजना के तहत आमजन अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर न केवल खुद बिजली का उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि अपने मासिक बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय कमी ला रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही दोहरी सब्सिडी के कारण यह योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम है।
योजना का उद्देश्य और दूरगामी प्रभाव
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाना और आम नागरिकों को बढ़ते बिजली बिल से राहत प्रदान करना है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य, जहां सूर्यप्रकाश की भरपूर उपलब्धता है, वहां यह योजना और भी अधिक प्रभावी सिद्ध हो रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक परिवार रूफटॉप सोलर सिस्टम को अपनाएं, जिससे परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने इसे हरित छत्तीसगढ़ की नींव रखने वाला कदम बताया।
हजारों परिवारों को सीधा लाभ
राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इस योजना के प्रति उत्साह देखा जा रहा है। हजारों परिवारों ने अपनी छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर लिए हैं। इससे उन्हें न केवल बिजली बिल से राहत मिल रही है, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने पर ग्रिड में बिजली देकर आय का अवसर भी मिल रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह योजना विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है, जहां बिजली की उपलब्धता और लागत दोनों एक चुनौती रही हैं। अब गांवों में लोग खुद बिजली पैदा कर ऊर्जा स्वावलंबन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
सब्सिडी से आसान हुआ सोलर पैनल लगवाना
पीएम सूर्यघर योजना के तहत केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार दोनों की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। इससे सोलर पैनल लगवाने की लागत काफी कम हो गई है। पहले जहां यह तकनीक केवल सीमित वर्ग तक ही पहुंच पाती थी, अब यह आमजन की पहुंच में आ चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और डिजिटल हो, ताकि किसी भी नागरिक को योजना का लाभ लेने में कठिनाई न हो।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
सौर ऊर्जा न केवल सस्ती है, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल भी है। कोयला और अन्य जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होने से वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भी अहम भूमिका निभा रही है। यह योजना आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रही है।
राज्य को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की तैयारी
छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्य को ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित करना है। सौर ऊर्जा के साथ-साथ अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सोलर पैनल निर्माण, इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस से जुड़े कार्यों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
डबल इंजन सरकार का असर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ही यह संभव हो पाया है कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे। डबल इंजन सरकार की नीति और स्पष्ट विज़न के कारण छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पीएम सूर्यघर योजना को और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक परिवार इससे जुड़ सकें।
भविष्य की दिशा
सरकार का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ के लाखों घर सौर ऊर्जा से रोशन हों। इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि राज्य को ऊर्जा निर्यातक के रूप में भी स्थापित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस योजना से जुड़ें और स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था का हिस्सा बनें।










