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77वां गणतंत्र दिवस छत्तीसगढ़ में हर्षोल्लास से संपन्न: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

77वां गणतंत्र दिवस पूरे छत्तीसगढ़ में हर्षोल्लास से मनाया गया

रायपुर, 26 जनवरी 2026।भारत के संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती और विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ 77वां गणतंत्र दिवस आज पूरे छत्तीसगढ़ में देशभक्ति, उल्लास और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर के सुदूर अंचलों, सरगुजा की पहाड़ियों, मैदानी अंचल और आदिवासी बहुल जिलों तक तिरंगा शान से फहराया गया।

राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा—

“संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारी सरकार का संकल्प है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में हम पूरी निष्ठा से जुटे हैं।”


संविधान दिवस नहीं, राष्ट्र निर्माण का संकल्प दिवस

मुख्यमंत्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारतीय संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता, सामाजिक न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मजबूत आधार है। उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया।

उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और संविधान निर्माताओं के बलिदान को स्मरण करने का दिन है।


प्रधानमंत्री का संदेश: विकसित भारत का अमृत संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन जिला-स्तरीय समारोहों में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा—

“गणतंत्र दिवस हम सभी को विकसित भारत के निर्माण के लिए नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करता है। संविधान के मूल्यों पर चलते हुए आत्मनिर्भर, समावेशी और मजबूत भारत का निर्माण ही हमारा लक्ष्य है।”

प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र, संघीय ढांचे और सुशासन को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।


रजत जयंती का गौरव: 25 वर्षों की विकास यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लोकार्पित नवनिर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन को मुख्यमंत्री ने “संविधान का मंदिर” बताया, जिसकी वास्तुकला में धान की बालियां और बस्तर-सरगुजा की लोककला छत्तीसगढ़ी अस्मिता को दर्शाती है।

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नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निर्णायक दौर में पहुंच चुका है।

उन्होंने घोषणा की कि
👉 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, नियद नेल्ला नार योजना, बस्तर कैफे जैसी पहलों से बस्तर में विकास की नई सुबह दिखाई दे रही है।


किसान, महिला और श्रमिक: विकास की धुरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि

  • धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन
  • दो वर्षों में किसानों के खातों में 1.5 लाख करोड़ रुपए
  • महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए
  • प्रधानमंत्री आवास योजना से 26 लाख से अधिक घर

किसानों, महिलाओं और श्रमिकों को विकास का केंद्र बनाकर सरकार काम कर रही है।


शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास

राज्य में

  • 15 मेडिकल कॉलेज
  • बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
  • हिंदी में एमबीबीएस
  • 9 हजार स्मार्ट क्लास
  • 22 हजार कंप्यूटर
  • नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।


जिले-वार गणतंत्र दिवस की झलक

बलरामपुर

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ध्वजारोहण किया। परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शहीदों के परिजनों का सम्मान और विकास आधारित झांकियां निकाली गईं।

जांजगीर-चांपा

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने तिरंगा फहराया। स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया। मार्चपास्ट और झांकियों ने लोगों का मन मोहा।

रायपुर

जनसंपर्क संचालनालय में आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने ध्वजारोहण कर संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

अन्य जिले

दुर्ग, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, कांकेर, कोंडागांव सहित सभी जिलों में प्रभारी मंत्रियों, कलेक्टरों और जनप्रतिनिधियों ने ध्वजारोहण किया। स्कूल-कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभागीय झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।


विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री साय ने कवि लक्ष्मण मस्तूरिया की पंक्तियों के साथ जनभागीदारी का संदेश दिया—

“मोर संग चलव रे… विकसित छत्तीसगढ़ गढ़ना हे।”

उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना साकार होगा।

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