
गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा देश
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर देश के कोने-कोने से आए कलाकारों ने ‘वंदे मातरम्’ की भव्य प्रस्तुति दी। सुर, ताल और संस्कृति के संगम ने भारत की एकता और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।
जब सुर, ताल और संस्कृति एक साथ गूंजे ‘वंदे मातरम्’—कर्तव्य पथ पर जीवंत हुई भारत की आत्मा
नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026 |77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में देश के कोने-कोने से आए कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता को सजीव कर दिया। जब मंच पर सुर, ताल और संस्कृति एक साथ गूंजे और ‘वंदे मातरम्’ की स्वर लहरियाँ बिखरीं, तो पूरा वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा।
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारत की लोक कलाओं, पारंपरिक नृत्यों, संगीत और रंग-बिरंगे परिधानों की झलक देखने को मिली। उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पूर्व से लेकर मध्य भारत तक की सांस्कृतिक छवियों ने यह संदेश दिया कि विविधताओं के बावजूद भारत एक है।
कलाकारों की प्रस्तुतियों ने न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया, बल्कि यह भी दिखाया कि भारतीय संस्कृति आज भी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है और आधुनिक भारत की पहचान को मजबूती प्रदान कर रही है। दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
‘वंदे मातरम्’ की गूंज के साथ यह सांस्कृतिक आयोजन राष्ट्रभक्ति, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन गया, जिसने हर भारतीय के हृदय में गर्व और भावनाओं की लहर दौड़ा दी।









