
77वें गणतंत्र दिवस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जगदलपुर में शहीदों को दी श्रद्धांजलि
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जगदलपुर में अमर जवान ज्योति और अमर वाटिका पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
77वें गणतंत्र दिवस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, जगदलपुर में हुए कई कार्यक्रम
जगदलपुर | 27 जनवरी 2026|77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जगदलपुर में देशभक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण वातावरण देखने को मिला। छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री अरुण साव ने लालबाग परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लेने के पश्चात जिले में विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य समारोह के बाद उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सिरहासार भवन के समीप स्थित शहीद स्मारक ‘अमर जवान ज्योति’ पहुंचकर देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए शहीद जवानों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को उनसे प्रेरणा मिलती रहेगी।
इसके पश्चात उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आमागुड़ा स्थित अमर वाटिका में स्थापित शहीद स्मारक में भी पहुंचकर वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों के नाम पट्टिका के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उनके बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर वातावरण भावुक और सम्मान से भरा रहा।
इन कार्यक्रमों में महापौर संजय पांडेय, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारी एवं जवान तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्थानीय विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। उन्होंने तिरंगे को सलामी दी और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने न केवल शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, बल्कि नागरिकों में देशप्रेम और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक मजबूत किया।












