बजट सत्र से पहले कांग्रेस की बड़ी रणनीति बैठक, मनरेगा समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगी पार्टी

सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस संसदीय रणनीति बैठक, बजट सत्र के पहले फेज के मुद्दे तय

आगामी संसद के बजट सत्र से पहले कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। इस बैठक में संसद के बजट सत्र के पहले चरण में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

मनरेगा रहेगा सबसे बड़ा मुद्दा

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि बजट सत्र के पहले फेज में मनरेगा पार्टी का सबसे बड़ा और प्रमुख मुद्दा होगा। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर कर रही है, जिससे ग्रामीण मजदूरों के रोजगार और आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।

इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरेगी कांग्रेस

बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस बजट सत्र के पहले चरण में निम्नलिखित मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगी—

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
  • SIR (Special Intensive Revision) से जुड़े मामले
  • अरावली और ग्रेट निकोबार से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे
  • जम्मू-कश्मीर के स्टेटहुड की बहाली का मामला
  • इंदौर और अहमदाबाद में हुई मौतों का विषय
  • भारत की विदेश नीति पर सवाल, खासकर अमेरिका द्वारा टैरिफ और रूस से तेल खरीद को लेकर दबाव
  • रुपये में लगातार गिरावट, जिससे देश के कई आर्थिक सेक्टर्स को भारी नुकसान हो रहा है

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विदेश नीति की विफलता और आर्थिक अस्थिरता का सीधा असर आम नागरिक और उद्योगों पर पड़ रहा है।

दूसरे फेज के लिए होगी अलग बैठक

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने जानकारी दी कि बजट सत्र के दूसरे चरण के लिए कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की एक और बैठक होगी, जिसमें आगे उठाए जाने वाले मुद्दों और रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

संसद में आक्रामक रुख के संकेत

इस बैठक से साफ संकेत मिलते हैं कि कांग्रेस पार्टी बजट सत्र में केंद्र सरकार को रोजगार, अर्थव्यवस्था, संघीय ढांचे, पर्यावरण और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर घेरने की पूरी तैयारी में है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।