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संसद के समवेत सत्र को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन: सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और आत्मनिर्भर भारत पर जोर

संसद के समवेत सत्र को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन: सामाजिक न्याय, पारदर्शी शासन और आत्मनिर्भर भारत पर जोर

नई दिल्ली।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के समवेत सत्र को संबोधित करते हुए देश की आर्थिक प्रगति, सामाजिक न्याय, पारदर्शी शासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी चुनौतियों पर सरकार का विज़न रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बीता वर्ष भारत के लिए तेज़ विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्मरणीय रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है और विकास की राह पर मजबूती से कायम है।

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर काम कर रही है, जिसका अर्थ है—देश के हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के उसका पूरा अधिकार मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं, बल्कि नीति और क्रियान्वयन दोनों स्तरों पर सरकार की प्राथमिकता है।

DBT से पारदर्शिता और ईमानदार व्यवस्था

अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को पारदर्शी शासन का मजबूत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि केवल एक वर्ष में सरकार ने पौने सात लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाई है। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर रोक लगी है, बल्कि पात्र लोगों को समय पर लाभ भी मिला है।
उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी और ईमानदार व्यवस्थाओं को स्थायी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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AI, डीपफेक और गलत सूचना पर चिंता

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से उत्पन्न हो रहे नए खतरों पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डीपफेक, मिसइन्फॉर्मेशन और फेक कंटेंट लोकतंत्र, सामाजिक सौहार्द और जनता के विश्वास के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
उन्होंने सभी से अपील की कि इन गंभीर मुद्दों पर मिलकर विचार किया जाए और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

आत्मनिर्भर भारत और रोजगार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में देश में नए-नए सेक्टर्स का उदय हुआ है, जिनसे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और इससे भविष्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद पर सख्त संदेश

राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार के रुख को दोहराते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कठोर और निर्णायक नीति पर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं ने अपने साहस और पराक्रम से देश की सुरक्षा को मजबूत किया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ता और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।

समावेशी विकास का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा भारत बनाना है, जहां विकास समावेशी, संतुलित और टिकाऊ हो। उन्होंने विश्वास जताया कि संसद, सरकार और जनता के सामूहिक प्रयासों से भारत आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

राष्ट्रपति का यह संबोधन न केवल सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है, बल्कि आने वाले समय के लिए नीतिगत दिशा और राष्ट्रीय संकल्प को भी स्पष्ट करता है।

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