
Ambikapur News: स्कूल समय में नशे की हालत में पाए जाने पर शिक्षक निलंबित
सरगुजा जिले के लखनपुर में विद्यालय समय के दौरान शराब के नशे में पाए जाने पर सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
शिक्षक निलंबित: विद्यालय समय में नशे की हालत में पाए जाने पर सख्त कार्रवाई
अंबिकापुर, 29 जनवरी 2026।जिला शिक्षा अधिकारी, सरगुजा द्वारा विकासखंड लखनपुर अंतर्गत एक शिक्षक के विरुद्ध गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई विद्यालय समय के दौरान शराब के नशे की स्थिति में पाए जाने के मामले में की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी, लखनपुर द्वारा दिनांक 23 जनवरी 2026 को एक प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत किया गया था। प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत गुमगराखुर्द के सरपंच द्वारा संकुल समन्वयक, संकुल केंद्र गुमगराखुर्द को एक वीडियो भेजा गया था, जिसमें एक शिक्षक विद्यालय समय के दौरान शराब के नशे की हालत में दिखाई दे रहे थे।
वीडियो जांच में शिक्षक की हुई पहचान
जांच के दौरान उक्त वीडियो की पुष्टि की गई, जिसमें संबंधित शिक्षक की पहचान श्री बुद्धेश्वर प्रसाद मानिकपुरी, सहायक शिक्षक, एल.बी. प्राथमिक शाला गुमगराखुर्द (विकासखंड लखनपुर) के रूप में हुई।
संकुल समन्वयक द्वारा भी यह पुष्टि की गई कि संबंधित शिक्षक ने वास्तव में शराब का सेवन किया था।
उल्लेखनीय है कि उक्त दिन विद्यालय में सरस्वती पूजन का आयोजन भी किया गया था। ऐसे पावन अवसर पर शिक्षक का नशे की हालत में विद्यालय पहुँचना अत्यंत आपत्तिजनक और अनुशासनहीनता की श्रेणी में पाया गया।
आचरण नियमों का उल्लंघन, कदाचार सिद्ध
विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रतिवेदन एवं दो वीडियो क्लिप के आधार पर यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 एवं नियम-23 का स्पष्ट उल्लंघन तथा कदाचार की श्रेणी में पाया गया।
तत्काल प्रभाव से निलंबन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी, सरगुजा द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत श्री बुद्धेश्वर प्रसाद मानिकपुरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बतौली नियत किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
शिक्षा विभाग का सख्त संदेश
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयीन वातावरण की गरिमा, विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा शासकीय सेवकों की आचार संहिता के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











