ED हैदराबाद ने Subbaiah Korrapati बैंक फ्रॉड केस में ₹2.91 करोड़ संपत्तियाँ अटैच की

ED हैदराबाद ने Subbaiah Korrapati बैंक फ्रॉड केस में संपत्तियाँ अटैच की

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हैदराबाद ज़ोनल ऑफिस, डायरेक्टोरेट ऑफ एन्फोर्समेंट (ED) ने Subbaiah Korrapati और उनके सहयोगियों के नाम चार अचल संपत्तियाँ, जिनकी अनुमानित कीमत ₹2.91 करोड़ है, को PMLA 2002 के तहत प्रोविजनल अटैच किया। ये संपत्तियाँ कृषि भूमि, आवासीय प्लॉट और वाणिज्यिक संपत्ति के रूप में हैं।

ED ने यह कार्रवाई FIR No. RC 0352020A0010-CBI/HYD के आधार पर शुरू की, जो 10.11.2020 को हैदराबाद Anti-Corruption Bureau (ACB) द्वारा दर्ज की गई थी। FIR में आरोप था कि Subbaiah Korrapati ने Syndicate Bank, Chandanagar Branch से ₹10 करोड़ के क्रेडिट सुविधा का लाभ धोखाधड़ी के माध्यम से उठाया, जिसमें उन्होंने फर्जी सब-कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट और अस्तित्वहीन वर्क ऑर्डर प्रस्तुत किए।

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ACB ने इस मामले में Chargesheet No. 03/2023 21.04.2023 को XXI ACMM-cum-Special JMFC, Hyderabad में प्रस्तुत की। चर्जशीट के अनुसार, Subbaiah Korrapati ने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी संपत्ति दस्तावेज प्रस्तुत किए, ₹12.30 करोड़ की क्रेडिट सुविधा प्राप्त की, पुनर्भुगतान नहीं किया और बैंक को ₹12.30 करोड़ का नुकसान पहुँचाया।

ED जांच में पता चला कि Subbaiah Korrapati और सहयोगियों ने गैर-मौजूद और उच्च मूल्यांकित संपत्तियों के आधार पर ऋण लिया। इसके बाद उन्होंने यह राशि अपने और सह-आरोपियों के खातों में स्थानांतरित कर फर्जी सब-कॉन्ट्रैक्ट, नकली रॉ मटेरियल बिल, और कैश निकासी के माध्यम से Proceeds of Crime का दुरुपयोग किया। उन्होंने NSIC Raw Material Assistance Scheme के तहत बैंक गारंटी का भी दुरुपयोग किया और फर्जी प्रो-फॉर्मा इनवॉइस प्रस्तुत कर धन को अपने खातों में वापस लाया।

जांच में यह भी सामने आया कि Subbaiah Korrapati ने इस अपराध से अर्जित धन का उपयोग ऋण चुकाने, प्रोजेक्ट सुरक्षित करने और व्यक्तिगत व व्यावसायिक खर्चों के लिए किया।

जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।