
बजट 2026-27: सी-फूड्स और फुटवियर निर्यात को बढ़ावा, ड्यूटी-फ्री आयात सीमा बढ़ी
केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सी-फूड्स के लिए ड्यूटी-फ्री आयात सीमा 1% से बढ़ाकर 3% करने और शू अपर निर्यात को भी ड्यूटी-फ्री इनपुट सुविधा देने का प्रस्ताव रखा।
बजट 2026-27: सी-फूड्स और फुटवियर निर्यात को बढ़ावा, ड्यूटी-फ्री आयात सीमा में बड़ी राहत
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में निर्यात क्षेत्र को मजबूती देने के लिए अहम घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री ने समुद्री खाद्य उत्पाद (सी-फूड्स) और फुटवियर उद्योग से जुड़े निर्यातकों को बड़ी राहत देने का प्रस्ताव रखा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि निर्यात के लिए समुद्री खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण में उपयोग होने वाले निर्धारित इनपुट्स पर ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा को मौजूदा 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत किया जाएगा। यह सीमा पिछले वर्ष के निर्यात टर्नओवर के FOB (Free on Board) मूल्य के आधार पर लागू होगी।
सी-फूड निर्यातकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से:
- समुद्री खाद्य निर्यातकों की लागत घटेगी
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सी-फूड्स की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी
- तटीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- मत्स्य पालन और उससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा
फुटवियर सेक्टर को भी राहत
इसके साथ ही वित्त मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखते हुए कहा कि चमड़े (Leather) या सिंथेटिक फुटवियर के निर्यात के लिए जिन इनपुट्स पर ड्यूटी-फ्री आयात की सुविधा उपलब्ध है, वही सुविधा अब ‘शू अपर’ (Shoe Uppers) के निर्यात पर भी लागू की जाएगी।
इस कदम से:
- फुटवियर उद्योग की सप्लाई चेन मजबूत होगी
- MSME सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा
- निर्यात बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
‘विकसित भारत’ विज़न को मजबूती
सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से मेक इन इंडिया और विकसित भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी। निर्यात बढ़ने से विदेशी मुद्रा अर्जन में इजाफा होगा और भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और सशक्त बनेगा।











