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विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर कुँवरपुर डेम में प्रशिक्षण कार्यशाला, सारस क्रेन संरक्षण पर हुआ मंथन

अंबिकापुर | 03 फरवरी 2026 | विश्व आर्द्रभूमि (वेटलैंड) दिवस के अवसर पर सरगुजा जिले के लखनपुर परिक्षेत्र अंतर्गत कुँवरपुर डेम में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आर्द्रभूमियों के संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देने तथा विशेष रूप से सारस क्रेन (Sarus Crane) जैसे दुर्लभ एवं संरक्षित पक्षी के संरक्षण को लेकर जनजागरूकता फैलाना रहा।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों द्वारा सारस क्रेन के प्राकृतिक आवास, उनके जीवन चक्र, आर्द्रभूमियों पर उनकी निर्भरता, मानवीय गतिविधियों से उत्पन्न खतरे तथा संरक्षण के लिए आवश्यक समन्वित और सामुदायिक प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि आर्द्रभूमियाँ न केवल जल संरक्षण का प्रमुख स्रोत हैं, बल्कि ये स्थानीय आजीविका, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं।

इस अवसर पर श्री विजय अग्रवाल, सभापति, वन स्थायी समिति एवं सदस्य, जिला स्तरीय वेटलैंड संरक्षण समिति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आर्द्रभूमियों का संरक्षण केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि समय रहते संरक्षण के ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा प्रभाव वन्यजीवों के साथ-साथ मानव जीवन पर भी पड़ेगा।

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कार्यशाला में मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी, एसडीओ सिंचाई विभाग, सब-इंजीनियर, नगर निगम प्रतिनिधि, श्रीमती दीपिका स्वर्णकार, सहायक प्राध्यापक, पीजी कॉलेज, उपवनमंडलाधिकारी अंबिकापुर एवं उदयपुर, सरगुजा वनमंडल के समस्त वन परिक्षेत्राधिकारी, लखनपुर परिक्षेत्र के कर्मचारीगण तथा वेटलैंड मित्र कार्यक्रम से जुड़े प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सभी वक्ताओं ने आर्द्रभूमियों को स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने, जल स्रोतों के संरक्षण, प्लास्टिक एवं कचरा प्रबंधन तथा स्थानीय नागरिकों की सहभागिता को संरक्षण की कुंजी बताया। इसके साथ ही सारस क्रेन के संरक्षण के लिए नियमित निगरानी, जनसहयोग और जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने आर्द्रभूमि एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी, सरगुजा ने आम नागरिकों से अपील की कि वे आर्द्रभूमियों में स्वच्छता अभियान चलाकर इन्हें साफ-सुथरा रखें और आर्द्रभूमियों को जनजीवन एवं आजीविका से जोड़ते हुए उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

उन्होंने कहा कि आर्द्रभूमियों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में एक मजबूत कदम है और इसमें समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है।

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