भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर T.S. सिंहदेव का हमला: ‘फिरौती को Trade Deal मत कहिए’

नई दिल्ली।भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने इस डील को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। सिंहदेव ने कहा कि इसे #TradeDeal नहीं बल्कि “फिरौती” कहा जाना चाहिए और प्रधानमंत्री से कम से कम इतनी पारदर्शिता की उम्मीद देश को है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

टी.एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया। इसके बाद रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया।

उन्होंने दावा किया कि यह अतिरिक्त 25 प्रतिशत जुर्माना तब हटाया गया, जब मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर रूस से दूरी बनानी शुरू की। इसके बावजूद मूल 25 प्रतिशत टैरिफ में केवल 7 प्रतिशत की ही कटौती की गई और भारत पर अब भी 18 प्रतिशत टैरिफ लागू है।

सिंहदेव ने सवाल उठाया कि जहां भारत अब अमेरिकी उत्पादों पर 0 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा, वहीं भारतीय उत्पादों पर अमेरिका द्वारा 18 प्रतिशत शुल्क बनाए रखना किस तरह का समानता वाला समझौता है?

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

ऊर्जा नीति पर गंभीर सवाल

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस डील के तहत भारत अब रूस से सस्ता तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि अमेरिका के माध्यम से वेनेजुएला का तेल खरीदेगा, वह भी महंगे दामों पर। उन्होंने आरोप लगाया कि LPG डील के जरिए भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों को अमेरिकी LPG आयात के लिए मजबूर किया जाएगा।

परमाणु ऊर्जा और SHANTI Bill पर आपत्ति

टी.एस. सिंहदेव ने SHANTI Bill, 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए परमाणु ऊर्जा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश का रास्ता खोल दिया गया है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।

500 बिलियन डॉलर की खरीद पर सवाल

उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारत को 500 बिलियन डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदने होंगे, जबकि वर्ष 2024 में भारत का अमेरिका से आयात लगभग 83 बिलियन डॉलर ही था।

सिंहदेव के अनुसार,

  • टैरिफ का नुकसान भारत को
  • ऊर्जा महंगी भारत की
  • नीतिगत समझौते भारत के
  • और फायदा केवल अमेरिका को

अंत में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “मोदी जी देश को ‘TrumpNirbhar Bharat’ बना रहे हैं।”