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NIPER नेटवर्क से भारत की बायोफार्मा उड़ान: 2014 के बाद फार्मा सेक्टर में बड़ा बदलाव

2014 के बाद NIPER नेटवर्क के विस्तार से भारत के फार्मास्यूटिकल और बायोफार्मा सेक्टर को नई मजबूती, शिक्षा, शोध, निर्यात और रोजगार में बड़ा योगदान।

2014 के बाद बदली भारत की बायोफार्मा तस्वीर

NIPER नेटवर्क बना फार्मास्यूटिकल शिक्षा, शोध और नवाचार की रीढ़

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नई दिल्ली, 05 फरवरी 2026/वर्ष 2014 के बाद भारत के फार्मास्यूटिकल और बायोफार्मा सेक्टर में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। इस परिवर्तन में नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER) के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क की अहम भूमिका रही है। भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि मोदी सरकार के नेतृत्व में NIPER संस्थान अब एक पैन-इंडिया बायोफार्मा इकोसिस्टम के रूप में विकसित हो चुके हैं।

वर्तमान में देश में मोहाली (पंजाब), अहमदाबाद (गुजरात), हैदराबाद (तेलंगाना), कोलकाता (पश्चिम बंगाल), गुवाहाटी (असम), हाजीपुर (बिहार) और रायबरेली (उत्तर प्रदेश) में NIPER संस्थान कार्यरत हैं। ये सभी रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व के स्वायत्त संस्थान हैं।

भाजपा के अनुसार NIPER नेटवर्क ने भारत को “दुनिया की फार्मेसी” के रूप में मजबूत करने में निर्णायक योगदान दिया है। यहां से निकल रहे उच्च प्रशिक्षित वैज्ञानिक, शोधकर्ता और इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल्स फार्मा और बायोफार्मा उद्योग की रीढ़ बन चुके हैं।

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पार्टी ने बताया कि उन्नत शोध और उद्योग से मजबूत सहयोग के चलते API, वैक्सीन, बायोसिमिलर और कॉम्प्लेक्स जेनेरिक दवाओं के निर्माण और निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिला है। इससे भारत के बहु-अरब डॉलर के फार्मा निर्यात को नई गति मिली है।

NIPER संस्थानों में हो रहे अनुसंधान से ड्रग डिस्कवरी, रेगुलेटरी साइंस और हेल्थकेयर इनोवेशन को बल मिला है, जिससे आयात पर निर्भरता घटी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिली है।

इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित NIPER संस्थानों ने क्षेत्रीय विकास को भी गति दी है। इन संस्थानों के आसपास इनोवेशन क्लस्टर, रोजगार के अवसर और निवेश बढ़े हैं, जिससे शिक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था के बीच मजबूत जुड़ाव बना है।

भाजपा ने कहा कि मजबूत शैक्षणिक और शोध संस्थानों के कारण भारतीय दवाओं की गुणवत्ता, वैश्विक मानकों के अनुपालन और अंतरराष्ट्रीय भरोसे में भी इजाफा हुआ है। 2014 के बाद से फार्मास्यूटिकल और बायोफार्मा सेक्टर का योगदान GDP में बढ़ा है और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजित हुए हैं।

पार्टी के अनुसार, क्लासरूम से लेकर लैब और कैंपस से वैश्विक बाजार तक, NIPER नेटवर्क भारत की बायोफार्मा प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है और देश को एक स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में योगदान दे रहा है।

 

Ashish Sinha

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