
Viksit Bharat Budget 2026-27: स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार, 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स जोड़ने का ऐलान
BJP ने कहा कि कांग्रेस के नीतिगत ठहराव से देश को नुकसान हुआ, जबकि मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत और Viksit Bharat Budget 2026-27 के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार किए। बजट में 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स, 1.5 लाख केयरगिवर्स और नए मेडिकल हब की घोषणा।
कांग्रेस के नीतिगत ठहराव से जूझता रहा देश, मोदी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए ऐतिहासिक सुधार: BJP
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस शासन के दौरान Policy Paralysis (नीतिगत ठहराव) के कारण देश को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं तक के लिए संघर्ष करना पड़ा। पार्टी ने कहा कि जमीनी स्तर से आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम नागरिकों की रोज़मर्रा की परेशानियों को समझते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक और परिवर्तनकारी सुधार किए, जिनमें आयुष्मान भारत जैसी योजनाएँ मील का पत्थर साबित हुई हैं।
BJP के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज की सुरक्षा प्रदान की है। इस योजना के तहत अब तक लाखों लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिली है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक सुलभ और किफायती बनी हैं।
Viksit Bharat Budget 2026–27 में स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
BJP ने कहा कि विकसित भारत बजट 2026–27 के माध्यम से मोदी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अपने दीर्घकालिक विज़न को और मजबूती दी है। बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने और मानव संसाधन को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बजट की प्रमुख घोषणाओं का उल्लेख करते हुए BJP ने बताया कि सरकार ने—
- 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स को स्वास्थ्य प्रणाली में जोड़ने का निर्णय लिया है, जिससे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
- 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर रोगियों की देखभाल को बेहतर बनाया जा सकेगा।
- देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे, जो उन्नत उपचार, रिसर्च और मेडिकल एजुकेशन के केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।
- आयुष पद्धति को बढ़ावा देने के लिए 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) स्थापित किए जाएंगे।
भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों की तैयारी
BJP ने कहा कि इन पहलों से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ेगी, बल्कि देश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और केयरगिवर्स की संख्या बढ़ने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार की नीति केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर आधारित है। आयुर्वेद, योग और समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण को मुख्यधारा में लाकर भारत को ग्लोबल हेल्थ लीडर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सुलभ, किफायती और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था का लक्ष्य
BJP ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था बनाना है, जो सुलभ, किफायती और भविष्य के अनुरूप हो। सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और तकनीक में निवेश कर रही है, ताकि हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें।
पार्टी के अनुसार, कांग्रेस के शासनकाल में जहां स्वास्थ्य क्षेत्र उपेक्षा का शिकार रहा, वहीं मोदी सरकार ने इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया है। Viksit Bharat Budget 2026–27 इसी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है।












