
विकास भी, विरासत भी: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नए भारत की पहचान मजबूत, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 21वीं सदी का भारत विकास और विरासत के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है। बजट 2026-27 में वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक धरोहरों पर विशेष फोकस।
विकास भी, विरासत भी: नए भारत की पहचान, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ का संकल्प साकार
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 21वीं सदी का भारत आधुनिकता और आध्यात्मिकता के अद्भुत संगम के साथ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। ‘विकसित भारत’ का संकल्प अब धरातल पर साकार होता नजर आ रहा है, जहां विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनरुत्थान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
काशी विश्वनाथ धाम, केदारनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और उज्जैन में महाकाल लोक जैसे भव्य सांस्कृतिक पुनरुत्थान परियोजनाओं ने भारत की प्राचीन परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।
600 से अधिक अमूल्य धरोहरों की स्वदेश वापसी
मोदी सरकार के प्रयासों से अब तक 600 से अधिक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की विदेशों से स्वदेश वापसी संभव हुई है। यह पहल न केवल राष्ट्रीय गौरव को सुदृढ़ करती है, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना को भी पुनर्स्थापित करती है।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से बदली देश की तस्वीर
वंदे भारत एक्सप्रेस, मेट्रो रेल परियोजनाएं, चारधाम ऑल वेदर रोड, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और एयरपोर्ट विस्तार जैसी विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं ने देश की कनेक्टिविटी, अर्थव्यवस्था और जीवन-स्तर को नई ऊंचाई दी है।
बजट 2026-27 में विरासत और विकास पर विशेष फोकस
बजट 2026-27 में विरासत संरक्षण और वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देते हुए नए भारत के निर्माण को और मजबूती दी गई है। यह केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना की पुनर्स्थापना का अभियान है।
विश्वगुरु बनने की दिशा में भारत
जब विरासत सुरक्षित होती है और विकास निरंतर आगे बढ़ता है, तब ही कोई राष्ट्र विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत इसी लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।








