
पीएससी भर्ती विवाद पर कांग्रेस का हमला, सरकार से जांच और अध्यक्ष को हटाने की मांग
छत्तीसगढ़ में पीएससी के माध्यम से हुई बॉयलर निरीक्षक भर्ती को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोपों की निष्पक्ष जांच और पीएससी अध्यक्ष को हटाने की मांग की है।
पीएससी भर्ती विवाद पर कांग्रेस का हमला, सरकार से जांच और अध्यक्ष को हटाने की मांग
पीएससी भर्ती विवाद: कांग्रेस ने भाजपा सरकार से जांच की मांग
बॉयलर निरीक्षक भर्ती पर सियासत तेज, कांग्रेस का भाजपा पर हमला
पीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति पर कांग्रेस के सवाल, सरकार से कार्रवाई की मांग
भर्ती प्रक्रिया पर आरोपों के बाद कांग्रेस ने उठाए जांच के सवाल
छत्तीसगढ़ पीएससी विवाद: कांग्रेस बोली– भाजपा अपनी ही सरकार पर उठा रही सवाल
रायपुर, 5 मार्च 2026। Chhattisgarh Pradesh Congress Committee ने पीएससी में बॉयलर निरीक्षक भर्ती को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा नेता खुद अपनी ही सरकार के फैसलों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता Dhananjay Singh Thakur ने कहा कि भाजपा सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी Rita Shandilya को पहले कार्यकारी अध्यक्ष और बाद में पूर्णकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया। अब भाजपा नेता ही उनके कार्यकाल में हुई बॉयलर निरीक्षक भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं, जो सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग के बॉयलर निरीक्षक भर्ती में उम्र सीमा में छूट देने का निर्णय पीएससी अध्यक्ष का अधिकार होता है, इसमें आयोग के अन्य सदस्यों की कोई भूमिका नहीं होती। ऐसे में भाजपा नेताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बाद सरकार को पीएससी अध्यक्ष को तत्काल पद से हटाकर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा पहले भी पीएससी की छवि खराब करने के लिए अप्रमाणित आरोप लगाती रही है और अब एक बार फिर आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा नेता भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं तो यह उनकी ही सरकार के निर्णयों पर संदेह को दर्शाता है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता ने अपने ही शासन में हुई भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाकर भर्ती में संभावित लेन-देन की पोल खोल दी है। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।










