होली के दिन चार हत्याएं, बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था का नतीजा: कांग्रेस
रायपुर में चार मर्डर के बाद कांग्रेस का आरोप – भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था फेल
होली पर बढ़ी अपराध की घटनाएं, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
राजधानी रायपुर में हत्या और चाकूबाजी से दहशत, कांग्रेस ने उठाए सवाल
भाजपा सरकार में अपराध बेलगाम: सुशील आनंद शुक्ला
रायपुर, 06 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि होली के दिन रायपुर जिले में चार हत्याएं और एक दर्जन से अधिक चाकूबाजी की घटनाएं प्रदेश की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था का संकेत हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के दिन पूरे प्रदेश में दुर्दांत हत्याओं की घटनाएं हुईं, जिससे आम जनता में भय का माहौल है।
उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर में हुई तीन घटनाएं शराब के नशे में हुई हैं। सरकार शराब बेचकर राजस्व कमाने में लगी हुई है, जिसके कारण नशे से जुड़ी आपराधिक घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। प्रदेश में हत्या, चाकूबाजी, लूटपाट, डकैती, अपहरण, बलात्कार और गोलीबारी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। साथ ही नशीली दवाइयों की तस्करी भी बढ़ गई है और जेलों में भी आपराधिक गतिविधियां नियंत्रण से बाहर हो रही हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो गई है और अपराधी बेखौफ हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री कानून व्यवस्था संभालने में असफल साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री को उनसे गृह विभाग वापस लेकर किसी अन्य को देना चाहिए ताकि प्रदेश की स्थिति सुधर सके।
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा कि गृह मंत्री की अकर्मण्यता के कारण अपराधियों में पुलिस का भय समाप्त हो गया है। राह चलते लोगों पर चाकू से हमला किया जा रहा है और सड़कों पर खुलेआम हत्या की घटनाएं हो रही हैं। भाजपा सरकार बनने के बाद राजधानी में सरेआम गोलीबारी की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी और पुलिस की लापरवाही के कारण राजधानी रायपुर असुरक्षित हो चुकी है और चाकूबाजी की घटनाओं के कारण इसे “चाकूपुर” कहा जाने लगा है। प्रदेश के लगभग सभी शहरों में रोजाना हत्या और गंभीर अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था शामिल ही नहीं है। मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस निर्णय नहीं ले रहे हैं। सरकार अपराधियों पर लगाम कसने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है और सरकार मूकदर्शक बनकर बैठी हुई है।











