दीपक बैज का आरोप: छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था बदहाल, होली पर 4 हत्याएं

रायपुर में पत्रकारों से बोले दीपक बैज, सरकार हर मोर्चे पर विफल

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छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध पर कांग्रेस का हमला, गृह मंत्री को हटाने की मांग

बिजली बिल, धान खरीदी और कानून व्यवस्था पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

दीपक बैज का बयान: प्रदेश में अपराध, बिजली बिल और वित्तीय संकट से जनता परेशान

प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल, सरकार हर मोर्चे पर विफल – दीपक बैज

रायपुर, 06 मार्च 2026।Deepak Baij ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि होली के दिन केवल रायपुर जिले में ही 4 हत्या और 16 चाकूबाजी की घटनाएं हुईं, जिससे पूरे प्रदेश में भय का माहौल रहा। उन्होंने कहा कि कई जगह पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और महिलाओं के साथ अभद्रता की घटनाएं सामने आईं, जो सरकार की विफलता को दर्शाती हैं।

बैज ने कहा कि अधिकांश आपराधिक घटनाओं के पीछे शराबखोरी बड़ा कारण है। सरकार पहले होली के दिन शराब दुकानें खोलने की तैयारी में थी, लेकिन कांग्रेस और मीडिया के विरोध के बाद ड्राई-डे घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि यदि शराब दुकानें खुली रहतीं तो हालात और भी खराब हो सकते थे। उन्होंने राज्य के गृह मंत्री को कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम बताते हुए उन्हें हटाने की मांग की।

धान खरीदी केंद्रों में धान की बर्बादी का आरोप

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राजधानी से लगे आरंग क्षेत्र के एक धान खरीदी केंद्र में धान को पानी से भिगोया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समय पर धान का उठाव नहीं करने से यह स्थिति बनी है। गर्मी के मौसम में धान सूखने से वजन कम हो रहा है और सरकार ने सूखत की भरपाई सोसायटी पर डाल दी है। इससे सोसायटी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए धान को भिगोने पर मजबूर हैं, जिससे धान खराब होने का खतरा है।

बिजली बिल बढ़ने से जनता परेशान

बैज ने कहा कि प्रदेश में बिजली के बिल तीन गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। 400 यूनिट तक की छूट बंद कर दी गई है और स्मार्ट मीटर लगाए जाने से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि फरवरी के अंत और मार्च के पहले सप्ताह में करीब 1.22 लाख घरों की बिजली बिल नहीं चुकाने के कारण काट दी गई। कांग्रेस ने मांग की कि बिजली दरों में कमी की जाए और 400 यूनिट तक आधे दाम की योजना लागू की जाए।

कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने का आरोप

उन्होंने सरकार के वित्तीय प्रबंधन को भी असफल बताते हुए कहा कि मितानिन कार्यकर्ता और एनएचएम के लगभग 17 हजार कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि होली जैसे त्योहार पर भी कई कर्मचारियों के घरों में चूल्हा नहीं जल सका। कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि बजट चर्चा से पहले इन कर्मचारियों के वेतन भुगतान की व्यवस्था की जाए।