छत्तीसगढ़ में “नशे की फैक्ट्री”? भूपेश बघेल का भाजपा पर बड़ा हमला

1111

अफीम कांड: समोदा से रायपुर तक सियासी तूफान, भूपेश बघेल के आरोपों से गरमाई छत्तीसगढ़ की राजनीति

दुर्ग। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों कथित अफीम खेती विवाद को लेकर बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में कथित तौर पर अफीम की खेती का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

भूपेश बघेल के आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से कई गंभीर सवाल उठाए हैं और सरकार से जवाब मांगा है।


समोदा गांव से शुरू हुआ पूरा मामला

भूपेश बघेल ने दावा किया कि दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में करीब 10 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह खेती भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेता विनायक ताम्रकार द्वारा की जा रही है।

सूचना मिलने के बाद भूपेश बघेल अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि खेत की सुरक्षा के लिए बाउंसर और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई थी।


“नशे की फैक्ट्री” वाला बयान

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “भाजपा ने छत्तीसगढ़ में नशे की फैक्ट्री खोल दी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ एक खेत तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे बड़े लोगों की भूमिका हो सकती है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

सरकार से पूछे 5 बड़े सवाल

हाल ही में भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए और सरकार से पांच सवालों के जवाब मांगे:

  1. अफीम की इस खेती में कौन-कौन मंत्री और अधिकारी शामिल हैं?
  2. नव्या मलिक का नाम सरकार की सूची से किसने बाहर किया?
  3. नव्या मलिक कितनी बार विदेश गई और किसके साथ विदेश गई?
  4. विनायक ताम्रकार मुख्यमंत्री निवास में कब-कब आया है?
  5. विनायक ताम्रकार के किन-किन नेताओं और अधिकारियों से संबंध हैं?

भूपेश बघेल ने कहा कि अभी तक इस मामले में केवल “मोहरे” सामने आए हैं, जबकि असली सरगना का पर्दाफाश होना बाकी है।


मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इतने गंभीर मामले के बावजूद मुख्यमंत्री और गृहमंत्री पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं

उन्होंने कहा कि यदि आरोप गलत हैं तो सरकार को तुरंत इसकी जांच कराकर सच्चाई सामने लानी चाहिए।


महिला दिवस पर दिया अलग संदेश

इसी बीच अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भूपेश बघेल ने देश और प्रदेश की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के बिना संसार अधूरा है और महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए समाज को मिलकर काम करना चाहिए।


भाजपा या सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

इस पूरे मामले को लेकर फिलहाल भाजपा या राज्य सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

आने वाले दिनों में यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।