
बस्तर में महिला जल वाहिनी का ‘पानी बचाओ’ अभियान, गांव-गांव जल संरक्षण के लिए जागरूकता
जगदलपुर जिले में महिला जल वाहिनी की सदस्य गांव-गांव जाकर जल संरक्षण और पानी के सदुपयोग के लिए ग्रामीणों को जागरूक कर रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था की निगरानी भी की जा रही है।
बस्तर में ‘पानी बचाओ’ अभियान में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी, गांव-गांव फैला रहीं जल संरक्षण का संदेश
जगदलपुर, 10 मार्च 2026। भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए बस्तर जिले में ‘पानी बचाओ’ अभियान के तहत महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से महिला जल वाहिनी की सदस्य महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और पानी के समुचित उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं।
जिले के दरभा विकासखंड के तीरथगढ़ और बकावंड विकासखंड के धोबीगुड़ा गांवों में महिला जल वाहिनी की सदस्य घर-घर जाकर ग्रामीणों को पानी बचाने का संदेश दे रही हैं। महिलाएं लोगों को बता रही हैं कि यदि अभी से जल संरक्षण के प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
महिलाएं जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल व्यवस्था की निगरानी भी कर रही हैं। वे जल स्रोतों की साफ-सफाई, पाइपलाइन की स्थिति और पानी की गुणवत्ता की जांच जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
तीरथगढ़ महिला जल वाहिनी की अध्यक्ष सुषमा ठाकुर ने बताया कि ग्रामीणों को अनावश्यक पानी बहाने से बचने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और जल स्रोतों की सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जा रहा है। वहीं धोबीगुड़ा महिला जल वाहिनी की अध्यक्ष चंद्रप्रभा सेठिया ने कहा कि महिलाओं की सक्रियता से गांवों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की प्रचार-प्रसार समन्वयक ज्योत्सना सूना के अनुसार महिला जल वाहिनी की यह पहल न केवल जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को भी दर्शाती है।





