
राज्यसभा में पीएम मोदी का संबोधन: रिटायर सांसदों के योगदान को सराहा, आठवले पर किया हल्का व्यंग्य
बजट सत्र 2026 में राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने रिटायर हो रहे सांसदों को विदाई दी। उनके योगदान, अनुभव और संसदीय परंपराओं पर दिया अहम संदेश।
राज्यसभा में पीएम मोदी का संबोधन: रिटायर हो रहे सांसदों के योगदान को किया नमन
नई दिल्ली: Rajya Sabha में #BudgetSession2026 के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों को भावभीनी विदाई दी और उनके योगदान की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यसभा में 6 साल का कार्यकाल केवल राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन को गढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। उन्होंने इसे “न्याय प्रक्रिया का हिस्सा” बताते हुए कहा कि यह अनुभव सांसदों को व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों स्तर पर समृद्ध करता है।
हास्य और विनोद की परंपरा पर चिंता
अपने संबोधन में Narendra Modi ने सदन में कम होते हास्य और व्यंग्य पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले सदन में हल्के-फुल्के पल और विनोद के अवसर मिलते थे, लेकिन 24×7 मीडिया के दौर में अब सभी सदस्य अधिक सतर्क रहते हैं, जिससे यह परंपरा धीरे-धीरे कम हो रही है।
इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वे सदन में हास्य और व्यंग्य का तड़का लगाते रहते हैं। पीएम ने हल्के अंदाज में कहा कि “आठवले जी जा रहे हैं, लेकिन उनकी कमी महसूस नहीं होगी, क्योंकि वे जहां भी रहेंगे, विनोद परोसते रहेंगे।”
वरिष्ठ सांसदों के अनुभव से सीखने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर दो साल में एक बड़ा समूह राज्यसभा से विदा होता है, जिनमें कई ऐसे वरिष्ठ सदस्य होते हैं जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा संसदीय कार्यप्रणाली को समर्पित किया है।
उन्होंने नए सांसदों से अपील की कि वे इन अनुभवी नेताओं से सीख लें, क्योंकि उनका समर्पण और योगदान लोकतंत्र के लिए अमूल्य है।
पीएम मोदी ने कहा कि इतने लंबे समय तक सदन में सक्रिय रहना कोई छोटी बात नहीं है और यह देश के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने सभी रिटायर हो रहे सांसदों के योगदान को “अमूल्य” बताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।











