पटना में पप्पू यादव का बड़ा बयान: “देश संविधान से चलता है, मनुस्मृति से नहीं”, जनता पर भी उठाए सवाल

पटना में पप्पू यादव का विवादित बयान, मनुस्मृति से लेकर जनता तक पर साधा निशाना

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पटना, बिहार। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मनुस्मृति, संविधान और देश की जनता को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।

पप्पू यादव ने कहा कि “मनुस्मृति जलाने का UGC से क्या लेना-देना है? यह देश मनुस्मृति से नहीं चलता, बल्कि संविधान से चलता है। यह देश बाबा साहेब अंबेडकर के बनाए कानूनों पर आधारित है और हम सभी संविधान से बंधे हुए हैं।”

उन्होंने केंद्र सरकार और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दों को अनावश्यक रूप से शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना ठीक नहीं है।

जनता पर बयान से बढ़ा विवाद

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अपने बयान में पप्पू यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने देश की जनता को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि “मैं इस देश से ऊब चुका हूं, मैं यहां की जनता से भी ऊब चुका हूं। यहां की जनता किसी काम की नहीं है।”

उनका यह बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं आने की संभावना जताई जा रही है।

अन्य देशों से तुलना

पप्पू यादव ने अपने बयान में नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और कोरिया का जिक्र करते हुए कहा कि इन देशों के लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना जानते हैं, जबकि भारत में यह भावना कमजोर पड़ती जा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के आसार

पप्पू यादव के इस बयान के बाद बिहार सहित देशभर की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। उनके बयान को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों की ओर से प्रतिक्रिया आ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान जनभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं और आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।