कोरबा में जनगणना-2027 की तैयारी: 23 मार्च से 10 जून तक सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, कलेक्टर का सख्त आदेश | प्रदेश खबर






कोरबा जनगणना-2027 अवकाश प्रतिबंध रिपोर्ट – प्रदेश खबर

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कोरबा विशेष | प्रशासनिक आदेश

जनगणना-2027 की तैयारी तेज: कोरबा जिले में कर्मचारियों की छुट्टियों पर लगा ‘ब्रेक’, 10 जून तक मुख्यालय छोड़ने पर भी पाबंदी

संपादक: आशीष सिन्हा | 25 मार्च, 2026 | स्थान: कोरबा (छत्तीसगढ़)

भारत सरकार के निर्देशानुसार आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को गति देने के लिए कोरबा जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।

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कोरबा: देश की आगामी जनगणना-2027 को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई है। कलेक्टर ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि 1 मई से 30 जून 2026 के बीच होने वाली “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना अनिवार्य है। इस राष्ट्रीय कार्य की महत्ता को देखते हुए अधिकारियों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

कलेक्टर के आदेश की मुख्य बातें:

  • प्रतिबंध अवधि: 23 मार्च 2026 से 10 जून 2026 तक अवकाश प्रतिबंधित।
  • मुख्यालय त्यागना मना: इस अवधि में कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा।
  • पुराने आदेश निरस्त: 23 मार्च से पहले स्वीकृत सभी अवकाश स्वतः निरस्त माने जाएंगे।
  • विशेष छूट: केवल चिकित्सा अवकाश या कलेक्टर की पूर्व अनुमति से ही अत्यावश्यक अवकाश मिलेगा।

प्रशिक्षण और फील्ड वर्क की तैयारी

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, जनगणना कार्य में संलग्न कर्मचारियों को प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और जमीनी स्तर पर डेटा एकत्र करने के लिए सदैव तैयार रहना होगा। कलेक्टर ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को राष्ट्रीय सेवा में बाधा माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

जनगणना: नीति-निर्माण का आधार

कलेक्टर ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण का मुख्य आधार है। इसलिए, प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभानी होगी। आदेश की प्रतियां जिले की सभी तहसीलों, नगरीय निकायों और संबंधित विभागों को भेजकर कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए हैं।