विशेष रिपोर्ट: ‘अपराध का टापू’ बनता छत्तीसगढ़? बढ़ते मर्डर और लूट की घटनाओं पर भूपेश बघेल और टी.एस. सिंह देव ने सरकार को घेरा
By Pradesh Khabar News Network | Updated: April 5, 2026
भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया: “प्रचार में व्यस्त सरकार, भगवान भरोसे जनता”
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हालिया घटनाओं को ‘जंगलराज’ की वापसी करार दिया है। अपने आधिकारिक बयानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से उन्होंने सरकार पर तीखे प्रहार किए हैं:
भूपेश बघेल का बयान: “आज छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। रायपुर के विधानसभा क्षेत्र में जिस तरह एक बर्खास्त पुलिसकर्मी ने सरेआम कुल्हाड़ी से हत्याएं की, वह दर्शाता है कि अब घर के अंदर भी लोग सुरक्षित नहीं हैं। भाजपा सरकार केवल इंवेंट मैनेजमेंट और विज्ञापनों में व्यस्त है, जबकि प्रदेश की कानून व्यवस्था भगवान भरोसे है। अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं।”
बघेल ने प्रमाण के तौर पर प्रदेश के क्राइम डेटा का हवाला देते हुए कहा कि पिछले छह महीनों में चाकूबाजी, चोरी और बलात्कार की घटनाओं में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिसे रोकने में गृह विभाग पूरी तरह विफल रहा है।
टी.एस. सिंह देव का विश्लेषण: “संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता”
पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंह देव, जो हमेशा तथ्यों और शालीनता के साथ अपनी बात रखते हैं, उन्होंने भी वर्तमान सुरक्षा ढांचे पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
टी.एस. सिंह देव का बयान: “किसी भी सभ्य समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। रायपुर डबल मर्डर जैसी घटनाएँ समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर देती हैं। प्रशासन की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए, न कि केवल राजनीतिक बयानबाजी। जब रक्षक ही भक्षक बनने लगें या पुलिस तंत्र अपराधियों के सामने लाचार दिखे, तो यह सरकार की नैतिक विफलता है। वर्तमान सरकार को आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर छत्तीसगढ़ का शांत वातावरण क्यों अशांत हो रहा है?”
सिंह देव ने जोर देकर कहा कि फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से सजा सुनिश्चित करना और पुलिस गश्त बढ़ाना वक्त की मांग है, अन्यथा निवेश और पर्यटन पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।
वर्तमान अपराध ग्राफ: कांग्रेस के मुख्य बिंदु
कांग्रेस पार्टी ने सरकार को घेरने के लिए निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों को प्रमाण के तौर पर रखा है:
- राजधानी में असुरक्षा: रायपुर अब ‘चाकूबाजी और गैंगवार’ का केंद्र बनता जा रहा है।
- महिला सुरक्षा: बस्तर से लेकर सरगुजा तक महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कोई कमी नहीं आई है।
- पुलिस का गिरता मनोबल: राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण जमीनी स्तर पर पुलिसिंग प्रभावित हो रही है।
- ड्रग्स और नशा: प्रदेश में बढ़ता नशा ही इन हिंसक वारदातों की मुख्य जड़ है, जिस पर कोई लगाम नहीं है।











