एमसीबी जिले के नगर पंचायत झगराखांड में पेयजल संकट गहरा गया है। इंटेकवेल का मोटर खराब होने और कई हैंडपंपों के निष्क्रिय होने से नगर के कई वार्डों में पानी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, सत्ता पक्ष के पार्षदों ने नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि CMO की हठधर्मिता और कार्यशैली के कारण नगर की बुनियादी सुविधाएं चरमरा गई हैं।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि मोटर खराब होने के बावजूद समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पेयजल संकट और बढ़ गया। उन्होंने यह भी कहा कि नगरवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन समस्या के समाधान में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
नियमों के खिलाफ किसी भी दबाव में नहीं होगा काम
वहीं, इस पूरे मामले पर सीएमओ राजेंद्र पात्रे ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कुछ पार्षद नियमों के विरुद्ध कार्य कराने का दबाव बना रहे हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
GeM पोर्टल से ही होगी खरीदी
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि सरकारी खरीद प्रक्रिया केवल जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी और नियमों की अनदेखी कर किसी भी प्रकार की खरीदी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि बिना निर्धारित प्रक्रिया के खरीदी करने पर ऑडिट के दौरान गंभीर आपत्तियां आती हैं, जिसके लिए अधिकारियों को जवाबदेह होना पड़ता है।
लोगों को राहत का इंतजार
फिलहाल, पेयजल संकट को लेकर नगर पंचायत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर पार्षद प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर सीएमओ नियमों का हवाला देकर अपने निर्णय को उचित ठहरा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती नगरवासियों को जल्द से जल्द सुचारु पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराना है।















