Advertisement

मन की बात: पीएम मोदी ने की बेंगलुरु के ‘प्रयोग संस्थान’ की प्रशंसा, जानें क्या है ‘अन्वेषण’ पहल






मन की बात: पीएम मोदी ने बेंगलुरु के ‘प्रयोग संस्थान’ की सराहना की, छात्रों में विज्ञान के प्रति जगा रहे अलख



मन की बात: बेंगलुरु की ‘प्रयोग’ पहल से देश में तैयार होंगे नए वैज्ञानिक, पीएम मोदी ने ‘अन्वेषण’ कार्यक्रम को सराहा

नई दिल्ली/बेंगलुरु | प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के हालिया संबोधन में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे क्रांतिकारी बदलावों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से बेंगलुरु स्थित ‘प्रयोग शिक्षा अनुसंधान संस्थान’ (Prayoga Institute of Education Research) की चर्चा की, जो स्कूली छात्रों के बीच विज्ञान शिक्षा को सुलभ और रोचक बनाने के लिए एक अनूठा मॉडल पेश कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिज्ञासा को जीवित रखना है। उन्होंने बेंगलुरु के इस संस्थान द्वारा चलाए जा रहे ‘अन्वेषण’ (Anveshan) कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि कैसे यह पहल 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को शोध और नवाचार (Innovation) से जोड़ रही है।

‘करत-करत अभ्यास के, जड़मत होत सुजान’

संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने प्रसिद्ध कहावत “करत-करत अभ्यास के, जड़मत होत सुजान” का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्र सबसे बेहतर तब सीखते हैं जब वे सक्रिय रूप से किसी प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं। बेंगलुरु की यह पहल इसी सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ छात्र केवल विज्ञान पढ़ते नहीं हैं, बल्कि उसे प्रयोगों के माध्यम से जीते हैं।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

क्या है ‘अन्वेषण’ कार्यक्रम?

बेंगलुरु के ‘प्रयोग संस्थान’ द्वारा शुरू किया गया ‘अन्वेषण’ कार्यक्रम छात्रों को निम्नलिखित क्षेत्रों में अवसर प्रदान करता है:

  • प्रायोगिक अनुभव: छात्रों को केमिस्ट्री, अर्थ साइंस (Earth Science) और वेलनेस जैसे विषयों में व्यावहारिक शोध करने की सुविधा मिलती है।
  • रिसर्च एक्सपोजर: स्कूल स्तर पर ही छात्रों को रिसर्च पेपर लिखने और अपने प्रोजेक्ट्स को प्रकाशित करने का मंच प्रदान किया जाता है।
  • डर से मुक्ति: ‘परीक्षा पर चर्चा’ का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि कई छात्र विज्ञान से डरते हैं, लेकिन ‘अन्वेषण’ जैसे प्रोजेक्ट्स इस डर को रुचि में बदल रहे हैं।

“जब छात्र खुद प्रयोग करते हैं, तो उनमें जिज्ञासा और रुचि दोनों बढ़ती हैं। मुझे विश्वास है कि ऐसे प्रयासों से देश में नई पीढ़ी के महान वैज्ञानिक तैयार होंगे।” – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

आप भी भेज सकते हैं अपने सुझाव

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को प्रोत्साहित किया कि यदि उनके पास भी ऐसी कोई प्रेरक कहानी या नवाचारी विचार है, तो उसे साझा करें। आगामी 26 अप्रैल 2026 को होने वाले ‘मन की बात’ एपिसोड के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

सुझाव भेजने के तरीके:

  • टोल-फ्री नंबर: 1800-11-7800 पर डायल करें।
  • ऑनलाइन पोर्टल: mygov.in पर विजिट करें।

छत्तीसगढ़ और जनभागीदारी का संदेश

रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने जनभागीदारी के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि जब समाज मिलकर कदम उठाता है, तो परिणाम अद्भुत होते हैं। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी इसी तरह की सामुदायिक भागीदारी से शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं।


© 2026 प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क – सभी अधिकार सुरक्षित।


file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47