राहुल गांधी का दिल्ली से संदेश: “आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए लड़ेगी कांग्रेस।”






आदिवासी अधिकारों के लिए कांग्रेस का बड़ा कदम: राहुल गांधी ने ‘इन्दिरा भवन’ में भरी हुंकार

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“जल-जंगल-जमीन छीन रही मोदी सरकार”: राहुल गांधी ने आदिवासी कांग्रेस की बैठक में फूंका बिगुल, अधिकारों की रक्षा का संकल्प

@INCIndia (Official):

“आज कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आदिवासी विभाग की महत्वपूर्ण बैठक हुई। नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी ने आदिवासी कांग्रेस विभाग के जिला अध्यक्षों को संबोधित किया। मोदी सरकार में आदिवासी भाई-बहनों के खिलाफ अन्याय और अत्याचार बढ़ता जा रहा है। उनके ‘जल-जंगल-जमीन’ छीने जा रहे हैं। हमें पूरी ताकत से इस अन्याय के खिलाफ लड़ना है।”

इन्दिरा भवन में राजनीतिक हलचल

कांग्रेस के नए मुख्यालय **’इन्दिरा भवन’** में आज आदिवासी कांग्रेस विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष **राहुल गांधी** ने की, जिसमें देशभर से आए आदिवासी कांग्रेस विभाग के जिला अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासी अधिकारों और वन संरक्षण कानूनों को लेकर बहस छिड़ी हुई है।

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राहुल गांधी ने संगठन के जमीनी नेताओं से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि आने वाले समय में कांग्रेस आदिवासियों के ‘जल-जंगल-जमीन’ के मुद्दे को लेकर सड़क से संसद तक एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।

मुख्य आरोप: राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों को कुचलने और उनके संसाधनों को कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “अन्याय के खिलाफ यह लड़ाई अब पूरी ताकत के साथ लड़ी जाएगी।”

आदिवासी अधिकारों पर केंद्रित रणनीति

बैठक में राहुल गांधी ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की:

  • अन्याय के खिलाफ लड़ाई: भाजपा शासित राज्यों में आदिवासियों पर बढ़ते कथित अत्याचारों के खिलाफ जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन।
  • जल-जंगल-जमीन: वन अधिकार अधिनियम (FRA) के प्रभावी कार्यान्वयन और जमीन छीने जाने की घटनाओं पर अंकुश।
  • सांगठनिक मजबूती: आदिवासी समुदायों के बीच कांग्रेस की पहुंच बढ़ाने के लिए जिला अध्यक्षों को विशेष कार्ययोजना सौंपना।

Pradesh Khabar की विशेष टिप्पणी

राहुल गांधी का आदिवासियों के साथ यह सीधा संवाद छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों की राजनीति को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है। कांग्रेस अब अपने पुराने और भरोसेमंद ‘आदिवासी वोट बैंक’ को फिर से एकजुट करने की कोशिश कर रही है। इन्दिरा भवन से निकला यह संदेश आने वाले चुनावों की नींव रख सकता है।