आज का पंचांग: नरसिंह जयंती का पावन संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
स्थान: अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ | विक्रम संवत: 2083
- नरसिंह जयंती: भगवान विष्णु के चौथे अवतार का प्राकट्य उत्सव।
- छिन्नमस्ता जयंती: दश महाविद्याओं में से एक माता छिन्नमस्ता की विशेष पूजा का दिन।
- रवि योग: आज पूरे दिन रवि योग का प्रभाव रहेगा, जो कार्यों में सफलता दिलाता है।
पंचांग के मुख्य अंग (5 Elements)
| तिथि | शुक्ल पक्ष, चतुर्दशी (रात 09:12 तक, उसके बाद पूर्णिमा) |
|---|---|
| वार | गुरूवार (Thursday) |
| नक्षत्र | चित्रा (रात 02:16, 1 मई तक, उसके बाद स्वाति) |
| योग | वज्र (रात 08:54 तक, उसके बाद सिद्धि) |
| करण | गर (सुबह 08:29 तक), उसके बाद वणिज |
सूर्य और चंद्रमा की गणना
| सूर्योदय | सुबह 05:24 |
|---|---|
| सूर्यास्त | शाम 06:25 |
| चंद्रोदय | शाम 05:56 |
| चंद्रास्त | अगली सुबह 04:59 (1 मई) |
| सूर्य राशि | मेष (Aries) |
| चंद्र राशि | तुला (Libra) |
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज के दिन शुभ कार्यों के लिए निम्नलिखित मुहूर्त श्रेष्ठ हैं:
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:24 से दोपहर 12:12 तक |
|---|---|
| अमृत काल | शाम 05:13 से शाम 06:49 तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 03:34 से सुबह 04:22 तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:08 से दोपहर 02:56 तक |
अशुभ समय और राहुकाल (Avoid these times)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय या नए कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए:
| राहुकाल | दोपर 01:48 से दोपहर 03:26 तक |
|---|---|
| यमगण्ड | सुबह 05:24 से सुबह 07:02 तक |
| गुलिक काल | सुबह 08:40 से सुबह 10:17 तक |
| दुर्मुहूर्त | सुबह 10:04 से सुबह 10:52 तक |
आज का चौघड़िया (Choghadiya Muhurat)
दिन का चौघड़िया
| शुभ (Shubh) | सुबह 05:24 – 07:02 |
|---|---|
| रोग (Rog) | सुबह 07:02 – 08:40 |
| उद्वेग (Udveg) | सुबह 08:40 – 10:17 |
| चर (Char) | सुबह 10:17 – 11:55 |
| लाभ (Labh) | दोपहर 11:55 – 01:32 |
| अमृत (Amrit) | दोपहर 01:32 – 03:10 |
| काल (Kaal) | दोपहर 03:10 – 04:47 |
| शुभ (Shubh) | शाम 04:47 – 06:25 |
पंचांग का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व
पंचांग केवल एक कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह समय की सूक्ष्म गणना का विज्ञान है। इसमें शामिल पांच अंग (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रवाह को दर्शाते हैं।
1. तिथि (Tithi)
चंद्रमा और सूर्य के बीच की दूरी को तिथि कहते हैं। आज की चतुर्दशी तिथि भगवान शिव और विष्णु दोनों की पूजा के लिए उत्तम मानी जाती है। नरसिंह जयंती चतुर्दशी को ही मनाई जाती है क्योंकि प्रदोष काल में भगवान ने अवतार लिया था।
2. नक्षत्र (Nakshatra)
नक्षत्र चंद्रमा के पथ का विभाजन है। चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं और इसके देवता विश्वकर्मा हैं। यह नक्षत्र रचनात्मकता और निर्माण का प्रतीक है। आज किए गए तकनीकी या निर्माण कार्य लंबे समय तक लाभकारी सिद्ध होंगे।
3. वार (Vaar)
आज गुरुवार है, जो बृहस्पति ग्रह का दिन है। बृहस्पति ज्ञान, संतान, और भाग्य का कारक है। आज के दिन दान-पुण्य करने से कुंडली का गुरु दोष शांत होता है।
4. योग (Yoga)
योग सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति से बनता है। वज्र योग कठिन कार्यों को पूरा करने के लिए साहस प्रदान करता है, जबकि सिद्धि योग सफलता सुनिश्चित करता है।
5. करण (Karana)
तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। वणिज करण व्यापारिक गतिविधियों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, इसलिए आज नए व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
दिशा शूल (Disha Shool)
आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल है। यदि इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले थोड़ा दही या जीरा खाकर निकलें।










