उज्जैन: महाकाल मंदिर में वैशाख चतुर्दशी की धूम, नरसिंह जयंती पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब।






उज्जैन महाकाल मंदिर: वैशाख चतुर्दशी विशेष रिपोर्ट

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)


धार्मिक समाचार

महाकाल की नगरी में ‘नरसिंह जयंती’ की धूम: वैशाख चतुर्दशी पर उमड़ा भक्तों का सैलाब

उज्जैन: अवंतिका नगरी आज एक बार फिर “जय महाकाल” के नारों से गुंजायमान हो उठी। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी, जिसे ‘नरसिंह जयंती’ के रूप में भी मनाया जाता है, के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। आज तड़के भस्म आरती के समय से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर बाबा महाकाल की एक झलक पाने को आतुर दिखे।

“आकाशे तारकं लिंगं पाताले हाटकेश्वरम्।
मृत्युलोके महाकालं त्रयलिंगं नमोस्तुते॥”

भस्म आरती और अलौकिक शृंगार

आज के विशेष अवसर पर भगवान महाकालेश्वर का पूजन ब्रह्म मुहूर्त में कपाट खोलने के साथ शुरू हुआ। सबसे पहले भगवान का जलाभिषेक और पंचामृत अभिषेक (दूध, दही, घी, शहद और फलों का रस) किया गया। इसके पश्चात बाबा का दिव्य शृंगार किया गया, जिसमें उन्हें भांग, चंदन और सूखे मेवों से सजाया गया। आज चतुर्दशी के विशेष योग में बाबा के मस्तक पर विशेष त्रिपुंड और चंद्र अर्पित किया गया था, जिसे देख भक्त मंत्रमुग्ध हो गए।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
मंदिर समिति की रिपोर्ट: मंदिर प्रशासन के अनुसार, आज दोपहर तक लगभग लाखों से अधिक श्रद्धालुओं ने सुगम दर्शन किए जा सकते हैं। भीड़ को देखते हुए शीघ्र दर्शन (250 रुपये की रसीद) और सामान्य दर्शन की कतारों को मंदिर के बाहरी गलियारे तक व्यवस्थित किया गया है।

लक्ष्मी नरसिंह मंदिर में विशेष पूजन

महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित लक्ष्मी नरसिंह मंदिर में आज के दिन का विशेष महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकश्यप का वध करने के बाद जब भगवान नरसिंह का क्रोध शांत नहीं हो रहा था, तब शिवजी के सुझाव पर वे उज्जैन के इसी स्थान पर आए थे, जहाँ उनका क्रोध शांत हुआ। आज शाम को यहाँ विशेष महापूजा और शृंगार का आयोजन किया जा रहा है। मान्यता है कि आज के दिन नरसिंह भगवान के दर्शन से सभी भय दूर होते हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं

गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने व्यापक इंतजाम किए हैं। दर्शनार्थियों के लिए ठंडे पेयजल, ओआरएस घोल और छायादार शामियानों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।

आज के प्रमुख कार्यक्रम:

  • तड़के 04:00 बजे: दिव्य भस्म आरती
  • दोपहर 12:00 बजे: मध्याह्न भोग आरती
  • शाम 05:00 बजे: नरसिंह भगवान का विशेष अभिषेक और प्राकट्य उत्सव
  • रात 09:12 बजे तक: चतुर्दशी तिथि के दौरान विशेष फलदायी पूजा

धार्मिक महत्व: वैशाख चतुर्दशी

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत ऊर्जावान है। वैशाख मास की चतुर्दशी पर भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया था, और शिव नगरी उज्जैन में हरि और हर (विष्णु और शिव) के मिलन का यह अद्भुत संयोग भक्तों के लिए मनोकामना पूर्ण करने वाला माना जाता है।

महाकाल मंदिर के पुजारियों का कहना है कि आज के दिन महाकाल के दर्शन मात्र से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है और भक्त को आरोग्य की प्राप्ति होती है।